देहरादून। शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी नगर निगमों की समीक्षा बैठक हुई, लेकिन इस बैठक में चमक श्रीनगर नगर निगम ने लूट ली। ठोस कूड़ा प्रबंधन, विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर श्रीनगर नगर निगम को प्रदेश के अन्य नगर निगमों के लिए एक आदर्श मॉडल बताया गया। बैठक में शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने श्रीनगर नगर निगम के कार्यों की खुलकर सराहना की।

बैठक में विशेष रूप से उस उपलब्धि की चर्चा हुई, जिसने शहर की तस्वीर बदल दी। शहर के बीचों-बीच दशकों से अस्थायी ट्रेंचिंग ग्राउंड लोगों के लिए परेशानी और बदबू-गंदगी का कारण बना हुआ था। नगर निगम ने इसे हटाकर वहां वर्षों पुराने लेगेसी वेस्ट के लगभग 18 हजार टन कूड़े का वैज्ञानिक निस्तारण किया और उसी स्थान पर आकर्षक ‘वेस्ट टू वंडर – रजत जयंती पार्क’ विकसित कर दिया। शहर को कूड़ेदान मुक्त बनाने के इस अभिनव कार्य के लिए श्रीनगर नगर निगम को अग्रणी संस्थाओं में शामिल किया गया। अधिकारियों ने कहा कि अन्य नगर निगमों को भी श्रीनगर से सीख लेनी चाहिए।
अपनी उपलब्धियों के बीच महापौर आरती भंडारी ने निगम की वित्तीय स्थिति को लेकर भी प्रशासन के समक्ष बात रखी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में नगर पालिका से नगर निगम बनने के बाद श्रीनगर में 21 नए ग्राम क्षेत्र शामिल किए गए हैं। क्षेत्र और जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं, लेकिन निगम को अभी भी पालिका स्तर के अनुरूप ही बजट प्राप्त हो रहा है। उन्होंने निगम क्षेत्र के विस्तार के अनुरूप बजट बढ़ाने की मांग उठाई ताकि विकास कार्यों की गति और अधिक तेज हो सके।
महापौर ने बताया कि निगम ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद रजत जयंती पार्क, गौशाला, एबीसी सेंटर, लेगेसी वेस्ट निस्तारण और स्ट्रीट लाइट सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए हैं। उन्होंने निगम के नए कार्यालय भवन के निर्माण और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप श्रीनगर को सोलर सिटी बनाने के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। शहरी विकास मंत्री ने दोनों योजनाओं के लिए जल्द बजट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने भी माना कि निगम प्रशासन ने सीमित संसाधनों में उत्कृष्ट कार्य कर नई मिसाल कायम की है और उपलब्ध बजट का पूर्ण उपयोग जनहित एवं विकास कार्यों में किया है।
बैठक के दौरान महापौर आरती भंडारी ने कहा कि श्रीनगर नगर निगम ने सीमित संसाधनों में भी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विकास के अनेक कार्य किए हैं। नगर निगम बनने के बाद क्षेत्रफल और जिम्मेदारियां बढ़ी हैं, इसलिए बजट में वृद्धि आवश्यक है। उन्हें खुशी है कि श्रीनगर के कार्यों को पूरे प्रदेश में सराहा जा रहा है। यह टीम और नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का ही परिणाम है कि आज श्रीनगर को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आने वाले समय में श्रीनगर को स्वच्छ, आधुनिक और सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए और अधिक प्रयास किए जाएंगे।
नगर आयुक्त नूपुर वर्मा ने इस सराहना को पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि महापौर की दूरदर्शी सोच और शहर के विकास के प्रति प्रतिबद्धता ने नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। ठोस कूड़ा प्रबंधन, लेगेसी वेस्ट निस्तारण और रजत जयंती पार्क जैसे कार्यों को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने में शहरी विकास विभाग के सचिव नीतीश झा एवं निदेशक विनोद गिरी गोस्वामी का निरंतर मार्गदर्शन मिला। उन्होंने पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया द्वारा समय-समय पर की गई नियमित निगरानी, प्रशासनिक सहयोग एवं आवश्यक दिशा-निर्देशों के लिए भी आभार जताया। नूपुर वर्मा ने कहा कि आगे भी लक्ष्य श्रीनगर को स्वच्छ, सुंदर, पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है, ताकि यह पूरे उत्तराखंड के लिए एक मॉडल नगर निगम बन सके।
इस समीक्षा बैठक में सचिव नीतीश झा, निदेशक शहरी विकास विभाग विनोद गोस्वामी, श्रीनगर नगर आयुक्त नूपुर वर्मा, सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार सहित प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौर और नगर आयुक्त मौजूद रहे।
