चमोली।
पंचकेदारों में चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ धाम के कपाट रविवार दोपहर 12:45 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा धाम ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा। भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली 17 मई को गोपीनाथ मंदिर से विशेष पूजा-अर्चना के बाद रुद्रनाथ धाम के लिए रवाना हुई थी।

रविवार सुबह डोली लुल्टी बुग्याल पहुंची और तय धार्मिक परंपराओं के अनुसार सोमवार को धाम में कपाट खोलने की प्रक्रिया पूरी की गई। रुद्रनाथ धाम में कपाट खुलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ पड़े। पंचकेदारों में रुद्रनाथ मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
यहां भगवान शिव के ‘एकानन’ स्वरूप यानी मुख की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस धाम में दर्शन और पूजा करने से विशेष आध्यात्मिक फल प्राप्त होता है। कपाट खुलने के साथ अब अगले छह महीने तक रुद्रनाथ धाम में नियमित पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। ग्रीष्मकाल में यह धाम मई से अक्टूबर तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है, जबकि शीतकाल में भगवान रुद्रनाथ की पूजा गोपीनाथ मंदिर में की जाती है।

मुख्य पुजारी हरीश भट्ट ने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि अब भगवान श्री रुद्रनाथ जी के कपाट सभी दर्शनार्थियों के लिए खुल गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे आराम से धाम पहुंचकर बाबा के दर्शन करें और प्रसाद ग्रहण कर वापस लौटें। रुद्रनाथ यात्रा को लेकर चमोली पुलिस और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षित यात्रा करने, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है।रुद्रनाथ यात्रा पंचकेदार यात्रा का महत्वपूर्ण अंग है और इस बार श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है।
