हरिद्वार।
केदारनाथ यात्रा से लौट रही कानपुर की प्रज्ञा सिंह ट्रेन में अचानक लापता हो गई थीं। छह दिन बाद वह बिहार के बेगूसराय से सकुशल बरामद हुईं। अब प्रज्ञा ने खुद पूरी सच्चाई बता दी है।प्रज्ञा सिंह की शादी को महज तीन महीने हुए थे। वह अपने पति मनीष के साथ केदारनाथ यात्रा पूरी कर देहरादून-गाजियाबाद नंदा देवी एक्सप्रेस से घर लौट रही थीं। 5 मई की रात हरिद्वार के बाद दोनों सो गए। मुजफ्फरनगर स्टेशन के पास जब पति की आंख खुली तो प्रज्ञा अपनी सीट पर नहीं थीं।

पति ने पूरे ट्रेन में खोजबीन की, वॉशरूम और आसपास के डिब्बों में भी देखा, लेकिन प्रज्ञा कहीं नहीं मिलीं। उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ था। पति ने रेलवे पुलिस को सूचना दी और रुड़की कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि ट्रेन में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई थी। पति सोने के बाद प्रज्ञा चुपचाप ट्रेन से उतर गईं और बिना टिकट दूसरी ट्रेन में बैठ गईं। उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि वह ट्रेन बिहार जा रही है।

बेगूसराय पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी मां को फोन कर अपनी स्थिति बताई। लक्सर एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि प्रज्ञा को सकुशल बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने उन्हें उनके परिवार को सौंप दिया है। प्रज्ञा फिलहाल कानपुर में अपने परिवार के साथ सुरक्षित हैं। पुलिस ने पूरे मामले की जांच की। रुड़की और मुजफ्फरनगर स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों की स्थिति भी जांच का विषय बनी रही।
