श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल की शैक्षिक राजधानी कहे जाने वाले श्रीनगर में अब सड़कों पर हॉर्न की तेज आवाजें धीरे-धीरे शांत होती नजर आएँगी। नगर निगम की महापौर आरती भंडारी ने शहर के ‘अर्बन प्लानिंग’ (शहरी नियोजन) को एक नई दिशा देने की ठोस कवायद शुरू कर दी है।, जो न केवल शहर की मौजूदा चुनौतियों का समाधान करेंगे, बल्कि भविष्य में श्रीनगर को उत्तराखंड के सबसे व्यवस्थित शहरों की सूची में शामिल कर सकते हैं। एक तरफ जहां ‘प्रेशर हॉर्न फ्री जोन’ की अवधारणा को धरातल पर उतारने की तैयारी जोरों पर है, वहीं दूसरी ओर शहर के ऐतिहासिक व्यापारिक केंद्र गोला बाजार के कायाकल्प के लिए 148.57 लाख रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार है।

महापौर आरती भंडारी ने एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार से मुलाकात कर इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सहयोग का औपचारिक प्रस्ताव सौंपा है। पुलिस प्रमुख ने निगम की इस पहल को सराहते हुए तत्काल प्रभाव से एक संयुक्त बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है, जिसमें पुलिस, परिवहन विभाग और नगर निगम के प्रतिनिधि मिलकर इस योजना को जमीन पर उतारने की रणनीति तैयार करेंगे। यह कदम महज एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि श्रीनगर की पहचान को एक शांत शैक्षिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस पहल मानी जा रही है।
श्रीनगर की विशिष्टता इसकी शैक्षिक धरोहर में निहित है। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, एनआईटी उत्तराखंड, राजकीय मेडिकल कॉलेज, आईटीआई सहित दर्जनों शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत हजारों छात्र-छात्राओं के लिए ध्वनि प्रदूषण एक गंभीर चुनौती बन चुका है। लगातार बजते प्रेशर हॉर्न न केवल पढ़ाई में बाधक हैं, बल्कि मरीजों, वरिष्ठ नागरिकों और छोटे बच्चों के लिए भी मानसिक तनाव का कारण बनते हैं। इसी पृष्ठभूमि में नगर निगम ने पंचपीपल से स्वीत पुल तक के मुख्य क्षेत्र को पहले चरण में ‘प्रेशर हॉर्न फ्री जोन’ घोषित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस क्षेत्र में प्रेशर हॉर्न के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध, बिना आवश्यकता हॉर्न बजाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जनजागरूकता अभियान चलाकर इस पहल को सफल बनाने का संकल्प लिया गया है।
वहीं, शहर के हृदयस्थल माने जाने वाले गोला बाजार के पुनर्निर्माण की कहानी कुछ अलग है। श्रीनगर का सबसे पुराना और व्यस्ततम व्यापारिक केंद्र होने के बावजूद, गोला बाजार बरसात के दिनों में जलभराव की गंभीर समस्या से जूझता रहा है। यहीं स्थित गोला पार्क, जो शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र है, उसके आसपास के अव्यवस्थित वातावरण ने नगर निगम को इस क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए प्रेरित किया। महापौर आरती भंडारी ने गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप से मुलाकात में इस परियोजना के लिए वित्तीय सहयोग की मांग रखी। 148.57 लाख रुपये की डीपीआर पहले ही तैयार है, लेकिन धन की उपलब्धता में देरी के कारण काम रुका हुआ है। आयुक्त ने इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप का आश्वासन देते हुए सभी संबंधित विभागों की बैठक बुलाकर समीक्षा करने का भरोसा दिलाया है।
महापौर आरती भंडारी का मानना है कि श्रीनगर केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि गढ़वाल की ऐतिहासिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। ‘प्रेशर हॉर्न फ्री जोन’ लागू होने से ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगेगा, जिससे छात्रों की पढ़ाई, मरीजों का आराम और वरिष्ठ नागरिकों का जीवन अधिक शांत और सुखद होगा।
वहीं, गोला बाजार के सौंदर्यीकरण से न केवल शहर की सुंदरता में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय व्यापार को भी नई ऊर्जा मिलेगी और नागरिक सुविधाएं बेहतर होंगी। नगर निगम श्रीनगर शहर के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है, और आने वाले समय में जनता को सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे। एक साथ दो बड़े मुद्दों पर महापौर की सक्रियता और उच्च स्तर पर हुई वार्ताओं ने यह संकेत स्पष्ट कर दिया है कि श्रीनगर अब विकास के एक नए और अधिक व्यवस्थित दौर में प्रवेश कर रहा है। यदि ये योजनाएं समय पर और प्रभावी ढंग से लागू हो पाती हैं, तो श्रीनगर न केवल अधिक शांत और सुंदर बनेगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और नागरिक सुविधाओं के लिहाज से भी एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा।
इन महत्वपूर्ण पहलों के दौरान महापौर आरती भंडारी के साथ पार्षद दिनेश पटवाल, रमेश रमोला, आशीष नेगी और राजकुमार सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
