देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के ऐतिहासिक चेटवुड हॉल में शनिवार को सैन्य अनुशासन और अकादमिक उत्कृष्टता का अनूठा संगम देखने को मिला। आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) विंग के 127वें कोर्स के दीक्षांत समारोह में तीन वर्षों की कठोर सैन्य और अकादमिक साधना पूरी करने के बाद 73 कैडेट्स को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली की बैचलर डिग्री प्रदान की गई। IMA के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह (AVSM, YSM, SM) ने स्वयं कैडेट्स को डिग्री प्रदान की। इस दौरान हॉल में मौजूद कैडेट्स के परिजनों के चेहरों पर गर्व का भाव स्पष्ट देखा जा सकता था, जबकि सेना के अधिकारी और प्रशिक्षक इस पल को भावुक होकर निहार रहे थे।

दीक्षांत के बाद इन कैडेट्स का सफर यहीं खत्म नहीं हो रहा है। तीन साल की कड़ी तपस्या के बाद अब ये सभी कैडेट्स जुलाई 2026 में ऑफिसर कैडेट के रूप में पुनः IMA में ही शामिल होंगे, जहां वे भारतीय सेना का हिस्सा बनने से पहले की अंतिम और सबसे अहम ‘प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग’ शुरू करेंगे। ACC विंग भारतीय सेना का एक प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान है, जो IMA के लिए फीडर संस्थान की भूमिका निभाता है। यहां कैडेट्स को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं दिया जाता, बल्कि सैन्य नेतृत्व और फील्ड ट्रेनिंग के जरिए उन्हें युद्धभूमि के लिए तैयार किया जाता है। इस बैच में साइंस स्ट्रीम के 32 और ह्यूमैनिटीज़ स्ट्रीम के 42 कैडेट्स शामिल रहे, जिन्होंने अपनी मेहनत से इस मुकाम को हासिल किया।
समारोह को संबोधित करते हुए IMA कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह ने कैडेट्स को बधाई देते हुए सेना के मूल मंत्रों की याद दिलाई। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि चरित्र, आत्म-अनुशासन, साहस, प्रेरणा, सकारात्मक दृष्टिकोण और पेशेवर दक्षता ही एक सफल सैन्य अधिकारी की असली नींव होती हैं। कमांडेंट ने कैडेट्स से आह्वान किया कि वे भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं और मूल्यों को हमेशा आगे बढ़ाएं और वर्दी की शान को कभी कम न होने दें।
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को प्रतिष्ठित पदकों से नवाजा गया, जिससे हॉल में तालियों की गूंज उठी। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) गोल्ड मेडल विंग कैडेट कैप्टन नवीन को प्रदान किया गया, जबकि COAS सिल्वर मेडल कंपनी कैडेट कैप्टन अवनीश कुमार मिश्रा और COAS ब्रॉन्ज मेडल विंग कैडेट क्वार्टर मास्टर हर्षराज के हिस्से आया। ये पदक ACC विंग में सर्वश्रेष्ठ समग्र प्रदर्शन की पहचान माने जाते हैं। इसके अलावा, सर्विस सब्जेक्ट्स में पहला स्थान प्राप्त करने पर कमांडेंट का सिल्वर मेडल कंपनी क्वार्टर मास्टर सार्जेंट अमनप्रीत सिंह को दिया गया। ह्यूमैनिटीज़ स्ट्रीम में अव्वल रहने पर कंपनी कैडेट कैप्टन अवनीश कुमार मिश्रा और साइंस स्ट्रीम में टॉप करने पर विंग कैडेट कैप्टन नवीन को विषयवार सम्मान से नवाजा गया।
सैन्य और अकादमिक गतिविधियों में समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली नुब्रा कंपनी को इस वर्ष का चैंपियन घोषित किया गया। IMA कमांडेंट ने नुब्रा कंपनी को प्रतिष्ठित ‘कमांडेंट बैनर’ प्रदान किया। यह सम्मान स्पोर्ट्स, फिजिकल ट्रेनिंग, कैंप, डिबेट, इंटीरियर इकोनॉमी, हथियार संचालन, अकादमिक प्रदर्शन और सर्विस ट्रेनिंग जैसे कड़े मानकों पर खरा उतरने के बाद दिया जाता है।
कार्यक्रम के समापन पर कमांडेंट ने ACC विंग के कमांडर ब्रिगेडियर पीयूष खुराना (SM) और उनकी प्रशिक्षक एवं फैकल्टी टीम की खुले शब्दों में सराहना की। उन्होंने माना कि कैडेट्स को एक सक्षम और निडर सैन्य अधिकारी बनाने में इन प्रशिक्षकों का पसीना और समर्पण सबसे अहम भूमिका निभाता है। चेटवुड हॉल से बाहर निकलते समय परिजनों और प्रशिक्षकों के बीच संतोष और गर्व का जो माहौल था, वह भारतीय सेना के अनुशासन और सेवा भावना की सजीव मिसाल पेश कर रहा था।
