हरिद्वार। देहरादून से दिल्ली की ओर जा रही एक वोल्वो बस में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब राष्ट्रीय राजमार्ग पर सर्वानंद घाट के समीप बस अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। सड़क पर दौड़ती बस से निकलते काले धुएं के गुबार ने दूर से ही राहगीरों का ध्यान खींच लिया। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पूरी बस लपटों में घिर गई। हालांकि, बस चालक और परिचालक की तत्परता और सूझबूझ ने एक बड़ी जनहानि को टाल दिया। उन्होंने समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन यात्रियों का साथ लाया गया अधिकांश सामान बस के अंदर ही जलकर राख हो गया।

मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों ने बताया कि बस जैसे ही सर्वानंद घाट के पास पहुंची, उसमें से डीजल का रिसाव होने लगा। इसी दौरान अचानक आग भड़क उठी। शुरू में लगा कि शायद इंजन में कोई खराबी है, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। बस के अंदर बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चालक ने घबराए बिना तुरंत बस को सड़क के किनारे रोका और दरवाजे खोलकर सभी को बाहर निकलने का इशारा किया। यात्रियों को अपनी जान बचाने का मौका तो मिल गया, लेकिन उन्हें अपना कीमती सामान निकालने का समय नहीं मिला। नतीजा यह रहा कि कपड़ों से लेकर जरूरी दस्तावेजों तक, यात्रियों का सब कुछ जलकर खाक हो गया।
घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम जैसी स्थिति बन गई। आसमान में उठती ऊंची लपटों और काले धुएं को देखकर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस का ढांचा पूरी तरह जल चुका था। पुलिस ने यातायात को सुचारू बनाने के लिए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया और सुरक्षा के मद्देनजर घेराबंदी की।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब क्षेत्र में किसी वोल्वो बस में आग लगने की घटना सामने आई हो। इससे कुछ दिन पहले ही बहादराबाद थाना क्षेत्र में भी ऋषिकेश से दिल्ली जा रही एक वोल्वो बस में आग लग गई थी, जिसमें बस पूरी तरह जल गई थी। हालांकि, उस घटना में भी चालक की सूझबूझ से सभी यात्री सुरक्षित बच गए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने लंबी दूरी की यात्रा करने वाली बसों की तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि समय पर रखरखाव और जांच नहीं हुई, तो भविष्य में ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।
