देहरादून।
राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए राज्य सरकार ने अंडरग्राउंड पार्किंग परियोजनाओं को गति प्रदान की है। 6 मई 2026 को सचिवालय में सचिव, आवास विभाग की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में परेड ग्राउंड और गांधी पार्क के मध्य प्रस्तावित अंडरग्राउंड पार्किंग परियोजना का पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया।

बैठक में प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग आर.सी. शर्मा, मुख्य अभियंता लोनिवि देहरादून रणजीत सिंह, अधीक्षण अभियंता 9वें वृत्त ओमपाल सिंह और प्रोजेक्ट मैनेजर पीआईयू स्मार्ट सिटी प्रवीण कुश सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तुत योजना के अनुसार परेड ग्राउंड और गांधी पार्क के बीच लगभग 6500 वर्ग मीटर क्षेत्र में जी-1 स्तर की अंडरग्राउंड पार्किंग बनाई जाएगी।
इसकी अनुमानित लागत 60 करोड़ रुपये है और इसमें करीब 390 वाहनों की पार्किंग क्षमता होगी। इस परियोजना के पूरा होने से राजपुर रोड, ऐस्ले हॉल, सचिवालय सुभाष रोड और लैंसडाउन चौक क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े वाहनों को व्यवस्थित पार्किंग मिल सकेगी, जिससे प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है। बैठक में सचिव आवास ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित स्थल का स्वयं निरीक्षण करने के बाद इस परियोजना पर पुनः विस्तृत बैठक आयोजित की जाए।

लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया गया कि अगली बैठक में ऐसी कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए जिसमें निर्माण के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बाधित न हो। इसके लिए परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और एमडीडीए के साथ समन्वय स्थापित कर समग्र ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाएगा। परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
लोक निर्माण विभाग को इनफोर्समेंट प्लान और अन्य पार्किंग स्थलों के अनुरूप पार्किंग शुल्क निर्धारण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित भूमि के लिए खेल विभाग और नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा गया। बैठक में राज्य सचिवालय के राजपुर रोड की ओर स्थित भूमि पर प्रस्तावित दूसरी अंडरग्राउंड पार्किंग परियोजना का भी प्रस्तुतिकरण किया गया।
इसकी अनुमानित लागत 68 करोड़ रुपये है और इसमें 189 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रति वाहन 35 लाख रुपये के व्यय को देखते हुए सचिव आवास ने आपत्ति जताई और लोक निर्माण विभाग को परियोजना का पुनः परीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पार्किंग केवल सचिवालय कर्मचारियों के लिए होगी या आम जनता के उपयोग के लिए भी विकसित की जाएगी, इस पर स्पष्ट प्रस्ताव के साथ अगली बैठक में रिपोर्ट पेश की जाए। सभी परियोजनाओं के निर्माण में पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने, हरित क्षेत्र और पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने तथा आधुनिक शहरी नियोजन के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए इन्हें मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए अंडरग्राउंड पार्किंग जैसी परियोजनाएं अत्यंत आवश्यक हो गई हैं। परेड ग्राउंड-गांधी पार्क क्षेत्र में प्रस्तावित पार्किंग शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि संबंधी औपचारिकताएं, एनओसी, ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान और शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। सभी विभागों के समन्वय से इस योजना को विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। आगामी बैठकों में सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ विस्तृत चर्चा के बाद परियोजना के डिजाइन, लागत, संचालन मॉडल और समय-सीमा पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
