श्रीनगर गढ़वाल।
हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल में इन दिनों स्वच्छता, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक व्यवस्थाओं को लेकर सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। नई हाउसकीपिंग व्यवस्था लागू होने के बाद अस्पताल की साफ-सफाई को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए कई नई मशीनों और सुविधाओं की शुरुआत की गई है।प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बेस अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और साफ-सुथरे वातावरण के माध्यम से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में अस्पताल प्रशासन सक्रियता से कार्य कर रहा है।अस्पताल में अब आधुनिक सफाई मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे वार्ड, कॉरिडोर, इमरजेंसी, ओटी और अन्य क्षेत्रों की सफाई पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित तरीके से हो रही है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुविधा, सुरक्षा और गोपनीयता को प्राथमिकता देते हुए गायनी वार्ड में बेड के पास पर्दे भी लगाए हैं।
इससे महिला मरीजों को उपचार के दौरान अधिक सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक वातावरण मिल रहा है।अस्पताल परिसर के विभिन्न वार्डों, मरीजों और कर्मचारियों की आवाजाही वाले रास्तों सहित पूरे परिसर में नियमित सफाई की जा रही है। बेहतर सफाई व्यवस्था और सुव्यवस्थित माहौल के कारण अस्पताल पहले की अपेक्षा अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई दे रहा है। मरीजों और उनके परिजनों ने भी अस्पताल में हो रहे इन सकारात्मक बदलावों पर संतोष व्यक्त किया है।
अस्पताल परिसर को इको फ्रेंडली बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। परिसर के विभिन्न स्थानों पर गमलों में इंडोर पौधे लगाए गए हैं, जो अस्पताल की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहे हैं। हरियाली बढ़ने से अस्पताल का वातावरण अधिक शांत और सकारात्मक महसूस हो रहा है।इन सभी सुधारों के पीछे मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना की लगातार मेहनत और सक्रिय कार्यशैली को प्रमुख कारण माना जा रहा है। वह दिन-रात अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहते हैं।
प्राचार्य प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अस्पताल परिसर में रहकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हैं और इसके बाद मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हैं। अस्पताल की बेहतरी के लिए वह डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ नियमित बैठकें भी कर रहे हैं।बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों को सार्वजनिक रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ रहा है।निर्मल फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा श्रीनगर (श्रीकोट) बेस हॉस्पिटल की हाउसकीपिंग व्यवस्था संभाली गई है।

कंपनी ने अस्पताल में आधुनिक सफाई मशीनें उपलब्ध कराई हैं, जिनमें ऑटो स्क्रबर मशीन, सिंगल डिस्क मशीन, हाई प्रेशर जेट मशीन, वैक्यूम क्लीनर मशीन के माध्यम से अस्पताल के वार्डों, कॉरिडोर, इमरजेंसी और ओटी में आधुनिक तरीके से सफाई कार्य किया जा रहा है।अस्पताल में थ्री बकेट सिस्टम भी लागू किया जा रहा है, जिससे संक्रमण नियंत्रण और सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। विभिन्न वार्डों और क्षेत्रों में यह सिस्टम स्थापित किया जा रहा है।मेडिकल प्रशासन द्वारा इस बार फर्म के जरिए अस्पताल में कार्यरत हाउसकीपिंग कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
वर्तमान में लगभग 80 से 85 कर्मचारी कार्यरत हैं और आवश्यकता अनुसार भविष्य में कर्मचारियों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। इसके अतिरिक्त अस्पताल परिसर की स्वच्छता और हरियाली को ध्यान में रखते हुए माली भी नियुक्त किए गए हैं, जिससे बागवानी और साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। अस्पताल प्रशासन समय-समय पर आमजन से स्वच्छता अभियान में सहयोग करने की अपील भी कर रहा है। लोगों से कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने, अस्पताल परिसर में थूकने से बचने तथा टॉयलेट में अनावश्यक वस्तुएं फ्लश न करने का अनुरोध किया जा रहा है। साथ ही कॉटन, पट्टी और पैड जैसी सामग्री डस्टबिन में डालने की अपील की जा रही है, ताकि अस्पताल परिसर स्वच्छ और संक्रमणमुक्त बना रहे।
प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा, “अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक आधारित मशीनों के माध्यम से साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाया जा रहा है। मरीजों को बेहतर, शांत और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रशासन लगातार प्रयासरत है।”
