देहरादून। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लक्ष्य मानकर उत्तराखंड कांग्रेस अब पूरी तरह से मिशन मोड में आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे को लेकर संगठन स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा रविवार को देहरादून पहुंचीं और उन्होंने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने के साथ ही पार्टी पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरे को 2027 के चुनावी शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है, जिसके जरिए पार्टी राज्य में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की रणनीति पर काम कर रही है।

रविवार सुबह 11:40 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद कुमारी सैलजा ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ नीरजा ग्रीन्स, आइएसबीटी हरिद्वार बाईपास रोड स्थित कार्यक्रम स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान मंच व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा और आगंतुकों की सुविधाओं का जायजा लिया गया। इसके बाद दोपहर में राजीव भवन (पीसीसी मुख्यालय) में प्रदेश प्रभारी ने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रमुखों और फ्रंटल संगठनों के नेताओं के साथ बैठक की। हालांकि, इस अहम बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नदारद रहने से राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर कयासों का दौर शुरू हो गया है।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कुमारी सैलजा ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी के इस दौरे के साथ ही कांग्रेस का चुनावी शंखनाद शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे, जिसमें अल्मोड़ा और पौड़ी में बैठकें होंगी, जबकि पांच जून को देहरादून में पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम होगा। सैलजा ने दावा किया कि भाजपा की नीतियों से जनता में रोष है और राहुल गांधी से भाजपा पहले से ही डरती रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरे के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी समेत अन्य शीर्ष नेताओं के भी लगातार राज्य दौरे प्रस्तावित हैं, जिससे कुमाऊं और गढ़वाल दोनों मंडलों में संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के दौरे का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया गया है। चार जून को राहुल गांधी अल्मोड़ा में एक विशाल जनसभा और रैली को संबोधित करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम जनता के शामिल होने की उम्मीद है। अपने प्रवास के दौरान वे प्रदेश पदाधिकारियों, पूर्व सांसदों, वर्तमान एवं पूर्व विधायकों, जिला एवं नगर अध्यक्षों, एआइसीसी और पीसीसी सदस्यों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे 2027 के चुनावों को लेकर सभी से सुझाव आमंत्रित करने के साथ ही आगे की रणनीति पर मार्गदर्शन भी देंगे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यह दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकने वाला अभियान साबित होगा।
प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा का दौरा केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेगा। सोमवार, एक जून को वे पौड़ी गढ़वाल पहुंचेंगी, जहां प्रस्तावित ‘पूर्व सैनिक संवाद कार्यक्रम’ की तैयारियों को लेकर बड़ी बैठक करेंगी। दोपहर दो बजे वे कार्यक्रम स्थल का ग्राउंड जीरो पर जाकर निरीक्षण करेंगी। उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों और सैन्य परिवारों की बड़ी आबादी को देखते हुए कांग्रेस इस महत्वपूर्ण वोट बैंक के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

बीते कुछ महीनों से कांग्रेस लगातार बूथ स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ा रही है। कुमारी सैलजा पहले भी कुमाऊं और गढ़वाल के कई जिलों का दौरा कर स्थानीय इकाइयों से फीडबैक ले चुकी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी का यह दौरा 2027 के चुनावी समर के लिए कांग्रेस की रणनीतिक तैयारी का बिगुल है। गौरतलब है कि करीब चार साल बाद राहुल गांधी उत्तराखंड के दौरे पर आ रहे हैं। इससे पूर्व वे दिसंबर 2021 में देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित विजय दिवस समारोह में शामिल हुए थे। अब पार्टी हाईकमान साफ संकेत दे रहा है कि आगामी चुनावी मुकाबले के लिए संगठन को पूरी ताकत के साथ मैदान में उतारने की कवायद शुरू हो चुकी है।
