पार्षद संदीप रावत के खिलाफ सड़क पर उतरा निगम का अमला, महापौर ने बैठाई जांच समिति
श्रीनगर (गढ़वाल)। नगर निगम श्रीनगर में वार्ड 40 के पार्षद संदीप रावत और निगम के अधिकारी-कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। शनिवार को निगम कर्मचारियों ने पार्षद के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने साफ कह दिया है कि जब तक पार्षद सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, वे वार्ड 40 में किसी भी विकास कार्य में सहयोग नहीं करेंगे।

निगम कर्मचारियों का आरोप है कि 25 मई को पार्षद ने जिलाधिकारी के जनता दरबार में निगम कर्मियों के खिलाफ बेबुनियाद शिकायतें कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया। निगम अफसरों और कर्मचारियों ने महापौर और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कहा कि वे अवकाश के दिनों में भी जनहित में कार्य करते हैं, लेकिन आरटीआई और शिकायतों के नाम पर उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है और अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।
विवाद बढ़ता देख महापौर आरती भंडारी और नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। घंटों चली वार्ता के बाद धरना स्थगित कर दिया गया, लेकिन कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े रहे। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए महापौर ने वरिष्ठ पार्षद शंकर मणि मिश्रा, दिनेश पटवाल, प्रवेश चमोली, सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी और गायत्री बिष्ट की पांच सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति को जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि पार्षद संदीप रावत अपने कार्यकाल के आरंभ से ही निगम की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर मुखर रहे हैं। वे पूर्व में भी निगम में चंद बड़े ठेकेदारों के एकाधिकार और छोटे ठेकेदारों की फाइलें ठंडे बस्ते में डाले जाने का आरोप लगा चुके हैं। इतना ही नहीं, रावत ने अपने वार्ड में गुणवत्ता जांच और पार्षद की अनापत्ति के बिना ठेकेदारों को भुगतान जारी करने के नियम-विरुद्ध मामलों को भी सदन में उठाया था। इस मौजूदा विवाद और निगम कर्मियों के आरोपों पर पार्षद रावत का ताज़ा पक्ष जानने के लिए नगर निगम के आधिकारिक माध्यमों और प्रशासनिक स्तर पर संपर्क करने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन उनका संपर्क सूत्र उपलब्ध न होने के कारण उनकी प्रतिक्रिया नहीं ली जा सकी। जैसे ही पार्षद रावत से संपर्क हो सकेगा, उनके पक्ष को समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
उधर निगम कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पार्षद ने सार्वजनिक माफी नहीं मांगी, तो भविष्य में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। वार्ड 40 के सभी प्रस्तावित और चल रहे कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा, जिसका सीधा असर आम जनता और शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पर पड़ेगा। धरने में सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार, अधिशासी अभियंता पवन कोठियाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
