देहरादून।
उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र में जनजातीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 1.70 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है। इस राशि से चकराता क्लस्टर के अंतर्गत 5 गांवों में कुल 46 ट्राइबल होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित न रखकर उन्हें गांवों में रहकर जौनसार-बावर की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली और लोक रीति-रिवाजों से रू-ब-रू कराना है।

योजना के तहत स्थानीय युवाओं और महिलाओं को पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा।उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) की अपर निदेशक पूनम चंद ने बताया कि यह परियोजना प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (PM-JUGA) के अंतर्गत स्वदेश दर्शन योजना का हिस्सा है। पहले चरण में चकराता क्लस्टर को चुना गया है। भविष्य में राज्य के अन्य जनजातीय क्षेत्रों में भी इस मॉडल को लागू किया जाएगा।परियोजना के तहत चकराता के 5 गांवों को शामिल किया गया है।
होमस्टे निर्माण के दौरान पारंपरिक जौनसारी वास्तुकला, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन और स्थानीय संस्कृति को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। पुराने घरों का नवीनीकरण भी स्थानीय शैली में किया जाएगा। पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया है कि होमस्टे तय मानकों के अनुसार बनाए जाएंगे। निर्माण में सुरक्षा, कचरा प्रबंधन, ऊर्जा बचत और साफ-सफाई पर पूरा ध्यान रखा जाएगा।

होमस्टे संचालित करने वाले स्थानीय लोगों को हॉस्पिटैलिटी, ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल मार्केटिंग और पर्यटक व्यवहार से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।विभाग का मानना है कि इस परियोजना से चकराता क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है। वर्तमान में उत्तराखंड में 6,638 पंजीकृत होमस्टे संचालित हो रहे हैं और ग्रामीण पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है।
इस पहल से स्थानीय लोगों की आय बढ़ने के साथ जौनसार-बावर की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है। पर्यटन विभाग ने पिछले सप्ताह डीएम स्तर पर बैठक कर लाभार्थियों की पहचान कर ली है और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया चल रही है।चकराता में होमस्टे पर्यटन के विकास से क्षेत्र की तस्वीर बदलने की संभावना है, जहां पर्यटक न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेंगे बल्कि जनजातीय जीवन और संस्कृति को भी करीब से समझ सकेंगे।
