श्रीनगर गढ़वाल। विश्व पर्यावरण दिवस पर श्रीनगर न्यायालय परिसर में सुबह वृक्षारोपण का आयोजन किया गया। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल के दिशा-निर्देशों पर सुबह साढ़े नौ बजे तहसील विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कुमारी अलका के नेतृत्व में यहां पौधारोपण किया गया।

इस दौरान मिट्टी में पौधे रोपते हुए उपस्थित लोगों से प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करने और पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने की पुरजोर अपील की गई। न्यायालय परिसर में लगे इन पौधों के जरिए समाज को पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त संदेश देने का प्रयास किया गया।
वृक्षारोपण कार्यक्रम के ठीक बाद सुबह दस बजे न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) श्रीनगर के विश्राम गृह में एक अहम बैठक बुलाई गई। सिविल जज कुमारी अलका की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में जून 2026 के ‘प्लान ऑफ एक्शन’ के अनुपालन और भविष्य की रणनीति पर मंथन किया गया। बैठक के दौरान माह जून के लिए तय लक्ष्यों और विधिक सेवा योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई, जिसका मकसद आम जनमानस तक न्यायिक सुविधाओं का लाभ सुचारू रूप से पहुंचाना है।
इस महत्वपूर्ण बैठक और पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रम में संरक्षक अनूप श्री पांथरी, अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी और प्रदीप मैठाणी विशेष रूप से मौजूद रहे। महासचिव ब्रह्मानंद भट्ट के साथ ही विकास पंत, नितेश भारती, गौरव उपाध्याय, कुलदीप दानू, लक्ष्मीकांत, प्रेरणा काला, भूपेंद्र पुंडीर, अनुपम गोयल और रतन सिंह बिष्ट ने भी चर्चा में सक्रिय भागीदारी निभाई। पीएलवी सदस्यों में मानव बिष्ट, प्रकाश नेगी, प्रीति बिष्ट और रोशनी देवी एवं वन विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम और बैठक के सुचारू संचालन में न्यायालय के कर्मचारियों और वन विभाग की टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। इस दौरान न्यायालय के रीडर निर्मल सिंह, ज्योतिष घिल्डियाल, आनंद प्रसाद भारती और अंशुल देवी रौथान मौजूद रहे। इसके अलावा वन विभाग के कर्मचारियों ने वृक्षारोपण कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
