श्रीनगर। सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में सोमवार को श्रीनगर नगर निगम सभागार में ‘नमस्ते’ (NAMASTE – National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem) योजना के अंतर्गत सीवर सफाई कर्मियों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में निगम क्षेत्र में सीवर और सफाई कार्य से जुड़े 50 से अधिक पर्यावरण मित्रों ने प्रतिभाग किया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सीवर एवं सेनेटेशन का कार्य करने के दौरान कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें आधुनिक सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक बनाना रहा। इस दौरान स्वच्छ भारत मिशन शहरी विकास निदेशालय एवं भारत सरकार की ओर से पीईपी (PEP) किट के सही उपयोग, सीवर टैंक में उतरते समय बरती जाने वाली अनिवार्य सावधानियों के साथ ही स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से साझा की गईं।
प्रशिक्षण सत्र में अरावली संस्थान के ट्रेनर चेतन पाटिल ने पर्यावरण मित्रों को सुरक्षा मानकों, हेल्थ हाइजीन और सैनिटेशन के विभिन्न तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से भी कार्यस्थल पर सुरक्षा के महत्व और दुर्घटनाओं से बचने के तरीकों को सरल भाषा में समझाया।
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रही महापौर आरती भंडारी ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि पर्यावरण मित्र शहर की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा निगम के लिए सर्वोपरि है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नगर निगम उनके सर्वांगीण कल्याण और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
बैठक में सीवर कार्य से जुड़े कार्मिकों के पुनर्वास (Rehabilitation) एवं कल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई। निगम प्रशासन की ओर से बताया गया कि अब तक 6 कर्मियों का ‘नामस्ते’ योजना में पंजीकरण किया जा चुका है और उन्हें सुरक्षा के लिए पीईपी किट भी उपलब्ध कराई जा चुकी है।
इस अवसर पर सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, गायत्री बिष्ट, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार के अलावा निगम के विभिन्न कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्र मौजूद रहे।
