चंपावत। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के कुमाऊं प्रवास के दौरान टनकपुर आगमन पर शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल रहा। मां शारदा के पावन धाम में पहुंचकर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद शारदा घाट पर आयोजित आरती में शामिल होकर उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की भीड़ के बीच जब आरती की ध्वनि गूंजी, तो वहां का दृश्य बेहद आध्यात्मिक और मनमोहक था।

आरती के उपरांत मीडिया से रूबरू होते हुए प्रवीण तोगड़िया ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सनातन परंपराओं का प्रमुख केंद्र है। मां शारदा के दर्शन और यहां की आरती में शामिल होकर उन्हें एक विशेष आध्यात्मिक अनुभूति हुई है, जो उन्हें समाज के उत्थान के लिए और अधिक ऊर्जा देती है।
बातचीत के क्रम में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को केवल एक सरकारी अभियान न मानते हुए इसे हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण अब हमें अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को बचाना हम सबका कर्तव्य है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि हमारा भविष्य सुरक्षित और संतुलित रह सके।
टनकपुर में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान तोगड़िया ने सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर गहरा मंथन किया। वर्तमान दौर में समाज को संगठित और जागरूक रहने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता और हमारी सांस्कृतिक जड़ों को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने के लिए उन्होंने नियमित रूप से धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की, जिससे संस्कारों का संचार अगली पीढ़ी तक हो सके।
प्रवीण तोगड़िया के टनकपुर आगमन पर नवयुवक रामलीला कमेटी और अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, संरक्षक संजय अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय गर्ग, नीरज सिंह, चंद्रप्रकाश गुप्ता, गौरव गुप्ता, विनय शर्मा और मयंक पंत प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वहीं, पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा अग्रवाल, उपाध्यक्ष कल्पना आर्य और परिषद के जिलाध्यक्ष निर्मल थ्वाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शारदा घाट से लेकर बैठक स्थल तक कार्यकर्ताओं का उत्साह और सांस्कृतिक विरासत को लेकर उनका समर्पण स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
