हल्द्वानी।
नैनीताल जिले के लालकुआं नगर पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू हो गई है। जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने जांच की जिम्मेदारी संभाल ली है। सिटी मजिस्ट्रेट ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इन कार्यों से संबंधित कोई सबूत, दस्तावेज, फोटो या वीडियो हैं तो वे 16 मई तक सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में आकर अपने बयान दर्ज करा सकते हैं।

जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है।जांच मुख्य रूप से चार प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित है। पहला — बिना टेंडर प्रक्रिया के करीब 3 लाख रुपये के डस्टबिन खरीदे गए। दूसरा — मात्र 5 साल पहले बने शौचालयों को ध्वस्त कर दोबारा निर्माण कार्य कराया गया, जिस पर फिजूलखर्ची का आरोप है। तीसरा — छठ पूजा स्थल के पुनर्निर्माण की जरूरत और उस पर किए गए खर्च की जांच। चौथा — वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान शीतलहर में अलाव के लिए लकड़ी की असामान्य खपत और इसके भुगतान की पारदर्शिता।

सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने बताया कि शिकायतों का संज्ञान लेते हुए दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनभागीदारी से जांच मजबूत होगी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल को लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि सभी आरोपों की गहन छानबीन की जाए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाए। लालकुआं नगर पंचायत में इन कथित अनियमितताओं की खबर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। आम नागरिक अब जांच के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं। जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूर्ण तस्वीर स्पष्ट होगी।
