श्रीनगर गढ़वाल। स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड एंबेसडर डॉ. बी. पी. नैथानी ने हाल ही में उनके नाम और फर्जी हस्ताक्षरों का दुरुपयोग कर जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को भेजे गए कथित शिकायती पत्र का कड़ा खंडन किया है। डॉ. नैथानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र में चल रहे विकास व सौंदर्यीकरण कार्यों को रुकवाने के लिए उनके द्वारा कोई भी पत्र या शिकायत प्रशासन को नहीं दी गई है।

डॉ. नैथानी ने आरोप लगाया है कि किसी अज्ञात असामाजिक तत्व ने नगर के विकास में अवरोध उत्पन्न करने और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने की नीयत से यह कूटरचित षड्यंत्र रचा है। प्रेस को जारी अपने बयान में डॉ. नैथानी ने कहा कि वह विगत 12 वर्षों से श्रीनगर एवं आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए निरंतर धरातल पर स्वच्छता अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा, “प्रदेश के यशस्वी कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी की दूरदर्शी सोच, नगर आयुक्त श्रीमती नूपुर वर्मा जी की उत्कृष्ट कार्यशैली व कर्तव्यनिष्ठा तथा महापौर श्रीमती आरती भंडारी जी के नेतृत्व में श्रीनगर का तेजी से कायाकल्प हो रहा है। नगर को स्वच्छ, भव्य और आकर्षक बनाने के लिए प्रशासन द्वारा ऐतिहासिक निर्णय लिए जा रहे हैं, जिसके लिए कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी और नगर आयुक्त नूपुर वर्मा जी साधुवाद के पात्र हैं।”
डॉ. नैथानी ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि नगर की स्वच्छता, भव्यता और बदलती सुखद तस्वीर कुछ संकीर्ण सोच वाले असामाजिक तत्वों को रास नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि जब ये तत्व विकास कार्यों को सीधे तौर पर प्रभावित नहीं कर सके, तो उन्होंने कायरतापूर्ण ढंग से उनके जाली हस्ताक्षर बनाकर प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया।
इस पूरे फर्जीवाड़े के संबंध में डॉ. नैथानी ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल, नगर आयुक्त, महापौर, पुलिस प्रशासन और तहसीलदार को लिखित रूप से अवगत करा दिया है। उन्होंने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस फर्जी पत्र की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराई जाए। साथ ही, जाली हस्ताक्षर कर षड्यंत्र रचने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी की सुसंगत धाराओं में कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाए।
