Dharchula Me Trade Office Khula

धारचूला में ट्रेड ऑफिस खुला, सात साल बाद लिपुलेख दर्रे से फिर शुरू होगा भारत-चीन व्यापार; गुंजी में कस्टम और बैंक शाखा भी सक्रिय

पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित लिपुलेख दर्रे से सात साल के लंबे अंतराल के बाद भारत और चीन (तिब्बत) के बीच सीमा व्यापार पुनः शुरू होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल को धरातल पर उतारने के लिए सोमवार को धारचूला में ट्रेड कार्यालय का विधिवत उद्घाटन कर दिया गया। विदेश मंत्रालय से 300 ट्रेड पास आवंटित होने के बाद शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत पहले ही दिन 20 व्यापारियों ने पास के लिए अपने आवेदन जमा कर दिए हैं। व्यापार को सुगम बनाने के लिए धारचूला से 72 किलोमीटर दूर गुंजी में कस्टम कार्यालय और बैंक शाखा सहित सभी जरूरी प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी शुरू कर दी गई हैं।

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धारचूला में ट्रेड अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने रिबन काटकर ट्रेड कार्यालय का शुभारंभ किया। कार्यालय खुलते ही भारत-तिब्बत व्यापार के लिए आवेदन प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ हो गई। उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि सभी आवेदनों की वाणिज्य कर विभाग की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (एसआईबी) से गहन जांच कराई जाएगी। सुरक्षा और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के उपरांत ही व्यापारियों को ट्रेड पास जारी किए जाएंगे। उन्होंने व्यापारियों के साथ बैठक कर व्यापार से जुड़ी व्यवस्थाओं और नियमों की विस्तृत जानकारी भी दी।


जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि सीमा व्यापार को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए धारचूला से 72 किलोमीटर दूर गुंजी में कस्टम कार्यालय, बैंक शाखा और अन्य आवश्यक कार्यालय शुरू कर दिए गए हैं। आयात-निर्यात होने वाले सभी सामान की जांच यहीं की जाएगी। सुरक्षा, संचार और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दे दिया गया है। इस बार के व्यापार में पारंपरिक खच्चरों की जगह आधुनिक सड़क मार्ग प्रणाली को अपनाया गया है, जिससे वाहन सीमा के करीब तक (लगभग 100 किलोमीटर) पहुंच सकेंगे। साथ ही, भारतीय व्यापारियों के सुविधा के लिए तकलाकोट में एक नया और सुव्यवस्थित बाजार भी विकसित किया गया है।


सामान्य पासपोर्ट और ट्रेड पास के अंतर को स्पष्ट करते हुए अधिकारियों ने बताया कि भारत-तिब्बत ट्रेड पास कोई सामान्य यात्रा दस्तावेज नहीं है। यह केवल सीमा व्यापार से जुड़े अधिकृत पंजीकृत व्यापारियों, उनके सहायकों, पोर्टर, कुली और म्यूल (खच्चर) चालकों को जारी किया जाने वाला विशेष अनुमति-पत्र है। यह पास केवल निर्धारित ट्रेड सीजन और अधिकृत व्यापारिक मार्ग (लिपुलेख दर्रा-तकलाकोट क्षेत्र) के लिए ही मान्य होगा। इसकी वैधता सीमित होती है और ट्रेड सीजन समाप्त होने पर इसे संबंधित प्राधिकरण को वापस जमा करना अनिवार्य होगा। इसे किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। पास बनवाने के लिए आवेदक का नाम सीमा व्यापार या पंजीकृत व्यापारी सूची में होना अनिवार्य है।

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