Ratri Barrier Aur Nayi Parking Se Lauti Srinagar Garhwal Ki Raunak

श्रीनगर गढ़वाल को व्यवस्थित पड़ाव के रूप में विकसित करने की कवायद तेज, बस अड्डे के पास विकसित हो रही नई पार्किंग।

श्रीनगर गढ़वाल।

चारधाम यात्रा के मौके पर श्रीनगर गढ़वाल एक बार फिर व्यवस्थित यात्रा पड़ाव के रूप में अपनी पुरानी पहचान वापस पा रहा है। नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त कवायद का असर अब जमीनी स्तर पर साफ नजर आने लगा है। मेयर आरती भंडारी के निर्देश पर मुख्य बस अड्डे के समीप खाली पड़ी भूमि का समतलीकरण कर उसे बड़ी पार्किंग में तब्दील करने का काम शुरू कर दिया गया है।

skynet school banner

इस पहल का मकसद जहां यात्रियों और वाहन चालकों को पार्किंग की दिक्कत से निजात दिलाना है, वहीं शहर के कारोबार को भी रफ्तार देना है। इसी अभियान के तहत बस अड्डे के आसपास की दुकानों द्वारा सार्वजनिक जगहों पर फैलाए जा रहे कचरे पर भी निगम ने लगाम लगा दी है और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है। मेयर का कहना है कि यात्रा सीजन में साफ-सफाई और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना निगम की पहली प्राथमिकता है।

प्रशासन द्वारा रात्रि विश्राम की व्यवस्था लागू किए जाने से श्रीनगर की रातों का सन्नाटा टूट गया है। लंबे समय बाद शहर की रातें फिर से जगमगाने लगी हैं। होटलों में कमरों की डिमांड बढ़ी है, तो रेस्टोरेंट, चाय-नाश्ते की दुकानों और फल विक्रेताओं के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है। गौरतलब है कि बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम की यात्रा में श्रीनगर हमेशा से ही एक प्रमुख पड़ाव रहा है। मगर बीते कुछ वर्षों में वाहनों के सीधे धामों की ओर निकल जाने के चलते यहां यात्रियों का ठहराव खत्म हो गया था, जिसका सीधा असर स्थानीय कारोबार पर पड़ा था। अब नई व्यवस्था ने व्यापारियों में नई उम्मीद जगा दी है और बाजार देर रात तक गुलजार रहने लगे हैं।

इस बदलाव की जड़ में मेयर आरती भंडारी का वह प्रस्ताव है, जो उन्होंने उपजिलाधिकारी नुपुर वर्मा के समक्ष रखा था। धामों में अचानक भीड़ का दबाव कम करने के लिए सुझाव दिया गया था कि वाहनों को रात में श्रीनगर में ही रोका जाए। इस पर अमल करते हुए पुलिस और प्रशासन ने श्रीनगर बाजार चौकी और पौड़ी चुंगी पर बैरियर लगाकर रात के सफर पर रोक लगा दी है।

उपजिलाधिकारी नुपुर वर्मा ने बताया कि कमिश्नर और जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशों एवं मेयर के सुझाव के बाद रात दस बजे के बाद आगे बढ़ने वाले वाहनों को सुबह तक अनिवार्य रूप से रोका जा रहा है। रोजाना करीब सौ से ज्यादा वाहन यहां रात्रि विश्राम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहाड़ी रास्तों पर रात के सफर में दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। जून में यात्रियों की संख्या और बढ़ने वाली है, इसलिए पार्किंग के लिए नई जगहों को भी चिह्नित किया जा रहा है।

मेयर आरती भंडारी ने बताया कि श्रीनगर सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र है। यहां रुकने वाले यात्रियों को धारी देवी, कमलेश्वर और नागेश्वर मंदिर के दर्शन का लाभ भी मिल सकता है। उन्होंने कहा कि शहर में होटल और पार्किंग की कोई कमी नहीं है। नई पार्किंग बनने से जाम की समस्या खत्म होगी और यात्रियों को सुरक्षित ठहराव मिलेगा।

skynet computer education

स्थानीय व्यापारियों और शहरवासियों ने प्रशासन के इस कदम का खुलकर स्वागत किया है। व्यापारियों का मानना है कि रात्रि ठहराव बढ़ने से होटल, परिवहन और रेस्तरां कारोबार को नई ऊर्जा मिलेगी, जिससे शहर की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को सीधा फायदा होगा। निगम की इस कार्रवाई और निरीक्षण के दौरान सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार, अधिशाषी अभियंता पवन कोठियाल, पार्षद दीपक कुमार के अलावा निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।

More From Author

BLO Ghar Band Milne Par Chhodenge Sticker

उत्तराखंड : मतदाता सूची के पुनरीक्षण में नई व्यवस्था, बीएलओ घर बंद मिलने पर छोड़ेंगे स्टीकर।

National Highway Ke Vishal Nale Ki Safai Ka Sthayi Samadhan

राष्ट्रीय राजमार्ग के विशाल नाले की सफाई का स्थायी समाधान, हर 10 मीटर पर बनेंगे चैंबर।