नैनीताल।
जिला प्रशासन ने होमस्टे संचालन में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर एडीएम विवेक कुमार राय के नेतृत्व में पर्यटन क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। जांच में पाया गया कि जनपद में कुल 238 होमस्टे पंजीकृत हैं, जिनमें से 35 पूरी तरह अवैध (बिना रजिस्ट्रेशन) पाए गए।

वहीं 123 होमस्टे नियमों का उल्लंघन करते हुए ‘होटल’ की तरह संचालित हो रहे थे। कई होमस्टे मालिक खुद वहां रहते भी नहीं हैं और अपनी यूनिट्स दूसरों को किराए पर दे रखी हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर नैनीताल शहर और बाबा नीम करोली के कैंची धाम क्षेत्र में देखने को मिला, जहां सबसे अधिक अनियमितताएं सामने आईं।

एडीएम विवेक कुमार राय ने सभी संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि होमस्टे नीति का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है, न कि व्यावसायिक होटल चलाना। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोबारा उल्लंघन पर होमस्टे सील किए जा सकते हैं।
जिला प्रशासन का कहना है कि यह अभियान अभी थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। यह कार्रवाई नैनीताल जैसे संवेदनशील पर्यटन क्षेत्र में अनियंत्रित होमस्टे संचालन को लेकर बढ़ती शिकायतों के बाद की गई है। प्रशासन का लक्ष्य पर्यटन को व्यवस्थित और नियमबद्ध बनाना है।
