श्रीनगर गढ़वाल। स्थानीय निकायों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी सुनिश्चित करने और नगर की राजस्व प्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में श्रीनगर नगर निगम ने एक ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिया है। नगर निगम ने शहर में डोर-टू-डोर यूजर चार्ज (स्वच्छता शुल्क) संग्रहण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सौंप दी है। महापौर आरती भंडारी की पहल पर नगर निगम सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को औपचारिक रूप से कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) वितरित किए गए।

प्रशासनिक दृष्टिकोण से इस पहल को केवल एक नियमित कार्य आवंटन के रूप में नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस सामाजिक एवं आर्थिक अभियान के रूप में देखा जा रहा है। इस निर्णय से जहां एक ओर समूहों से जुड़ी महिलाओं को नियमित रोजगार और आय का साधन प्राप्त होगा, वहीं दूसरी ओर नगर निगम की राजस्व संग्रहण प्रणाली, जनसहभागिता और पारदर्शिता को भी नई मजबूती मिलेगी। माना जा रहा है कि स्थानीय महिलाओं की भागीदारी से नागरिकों और निगम प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे कर संग्रहण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनेगी।
कार्य आवंटन से पूर्व निगम सभागार में महिलाओं को उनकी नई जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया। अधिकारियों द्वारा संग्रहण प्रक्रिया, रसीद कटना, नागरिकों से संवाद स्थापित करने और पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था को बनाए रखने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। नगर निगम लगातार महिला सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास कर रहा है। स्वयं सहायता समूहों को यह जिम्मेदारी सौंपना इसी नीति का परिणाम है, जिससे महिलाएं अपने परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी।
इस अवसर पर महापौर आरती भंडारी ने स्पष्ट किया कि नगर निगम का लक्ष्य केवल शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाना नहीं है, बल्कि महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नारों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर अवसर प्रदान करने से संभव होता है। निगम ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं पर भरोसा जताते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है। महापौर ने विश्वास जताया कि महिलाएं पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ इस कार्य का निर्वहन करेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी नगर निगम महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर कार्य करेगा।
कार्यक्रम में नगर आयुक्त नुपुर वर्मा, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार सहित नगर निगम के पार्षदगण, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान न्यू कमलेश्वर, ज्वालपा, राजराजेश्वरी और जय नंदा सहित विभिन्न पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने वर्क ऑर्डर प्राप्त किए। स्थानीय निकायों में महिला सहभागिता को बढ़ावा देने की यह पहल अब अन्य नगर निकायों के लिए भी एक सफल मॉडल के रूप में उभर रही है। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि जब महिलाएं विकास की प्रक्रिया में प्रत्यक्ष भागीदार बनती हैं, तो स्वच्छता, पारदर्शिता और जनभागीदारी जैसे लक्ष्यों को अधिक प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।
