श्रीनगर नगर निगम ने शहर में स्वच्छता और वैज्ञानिक कचरा निस्तारण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन निस्तारण एवं भूमि भरण स्थल पर 150 टन प्रतिदिन क्षमता वाली ट्रॉमल मशीन का ट्रायल शुरू कर दिया है। इस पहल के तहत शहर से एकत्रित कूड़े को ट्रेचिंग ग्राउंड तक लाकर मशीन के माध्यम से गीले और सूखे कचरे को अलग किया जाएगा, जिससे कचरा प्रबंधन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बन सकेगी।

प्रक्रिया के अनुसार गीले कचरे, जिसमें रसोई अपशिष्ट और सब्जियां शामिल हैं, से जैविक खाद तैयार की जाएगी, जबकि सूखे कचरे जैसे प्लास्टिक, गत्ता, थर्माकोल और कपड़ों को रीसाइक्लिंग इकाइयों को भेजा जाएगा। इनसे आगे विभिन्न उपयोगी उत्पाद जैसे गमले, खिलौने और अन्य घरेलू वस्तुएं तैयार की जा सकेंगी, जिससे संसाधनों का पुनः उपयोग सुनिश्चित होगा।
मेयर आरती भंडारी और नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने संयुक्त रूप से ट्रॉमल मशीन के ट्रायल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार, अधिशाषी अभियंता पवन कोठियाल और लेखाकार राम जायसवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मेयर आरती भंडारी ने कहा कि यह आधुनिक प्लांट शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में सहायक सिद्ध होगा और श्रीनगर को आदर्श शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने बताया कि ट्रॉमल मशीन के जरिए कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा, जिससे गीले कचरे से खाद और सूखे कचरे से रीसाइक्लिंग उत्पाद तैयार होंगे। इससे कचरे का प्रभावी प्रबंधन होने के साथ-साथ उपयोगी संसाधनों का संरक्षण भी संभव हो सकेगा।
नगर निगम के अनुसार, प्लांट के पूर्ण संचालन के बाद यह पहाड़ी क्षेत्र का पहला आधुनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट होगा, जो स्थानीय स्तर पर स्वच्छता के साथ आर्थिक लाभ भी सुनिश्चित करेगा। सूखे कचरे की बिक्री और जैविक खाद के उत्पादन से नगर निगम की आय में वृद्धि होने की संभावना है।
यह परियोजना श्रीनगर में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में एक संगठित और दीर्घकालिक समाधान के रूप में सामने आ रही है, जिससे शहर के सतत विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
