रुड़की।
स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन में लगाए गए आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कॉलेज प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए पलटवार किया है और आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।कॉलेज प्रबंधन की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में अरविंद सैनी, आर.पी. सिंह और प्रधानाचार्य विकास कुमार ने कहा कि कुछ व्यक्ति निजी स्वार्थ के चलते संस्थान की छवि खराब करने की साजिश रच रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉलेज पर लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं और इनका कोई आधार नहीं है।प्रबंधन ने आरोप लगाया कि कुछ लोग कॉलेज में भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वर्तमान में कॉलेज में करीब 1000 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं और परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में निरंतर भ्रामक प्रचार से छात्रों में दहशत फैल रही है।
सोशल मीडिया पर भी लगातार गलत जानकारी फैलाई जा रही है, जिससे कॉलेज और ट्रस्ट की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है।प्रबंधन ने यह भी दावा किया कि कुछ लोग ट्रस्ट से जुड़े व्यक्तियों का पीछा कर रहे हैं, उनकी रेकी कर रहे हैं और उनके घर पहुंचकर परिवारजनों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रबंधन का कहना है कि उन्हें जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है। इसलिए उन्होंने पुलिस प्रशासन से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

प्रेस वार्ता में प्रबंधन ने ठगी के आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जिस ‘समूह ग’ भर्ती को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, ऐसी कोई भर्ती प्रक्रिया संस्थान में हुई ही नहीं है। प्रबंधन ने दोहराया कि संस्थान के खिलाफ झूठी बयानबाजी और दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों, अभिभावकों और समाज से अपील की है कि वे भ्रामक प्रचार से बचें और संस्थान के बारे में सही जानकारी लें।
उन्होंने कहा कि कॉलेज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इसी दिशा में कार्य करता रहेगा।यह विवाद पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। प्रबंधन की इस सख्त प्रतिक्रिया के बाद अब मामले की दिशा कानूनी लड़ाई की ओर मुड़ती दिख रही है।
