पौड़ी गढ़वाल।
देश में जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और तकनीकी आधार पर चलाने के लिए 16वीं जनगणना में पहली बार स्व-गणना की सुविधा शुरू की जा रही है। इसी क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल में आज विभिन्न विभागों के कार्मिकों को डिजिटल माध्यम से इस प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से पुलिस लाइन सभागार में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप काला की उपस्थिति में पुलिस लाइन के 110 पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला द्वारा स्व-गणना का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल और मोबाइल आधारित एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा प्रविष्टि की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन दिखाया गया।

प्रत्येक परिवार या व्यक्ति को अपनी जनसांख्यिकीय जानकारी स्वयं दर्ज करने की विधि, लॉगिन और रजिस्ट्रेशन, यूनिक आईडी जनरेशन, ओटीपी आधारित सत्यापन, डेटा की गोपनीयता तथा सुरक्षित संप्रेषण जैसे सभी महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप काला ने स्वयं स्व-गणना प्रक्रिया का प्रदर्शन कर कर्मियों को इसे आसानी से समझने में मदद की।
उन्होंने कहा कि 16वीं जनगणना में आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग कर स्व-गणना की सुविधा दी जा रही है। इससे नागरिकों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर मिलेगा, जिससे डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों से स्व-गणना प्रक्रिया को गंभीरता से लेने और अपने परिजनों को जागरूक करने की अपील की।जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला ने बताया कि स्व-गणना प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाई गई है।
मोबाइल एप या वेब पोर्टल के जरिए रियल-टाइम डेटा एंट्री की सुविधा है, जिससे त्रुटियों की संभावना बहुत कम हो जाती है। डेटा एंट्री के दौरान वैलिडेशन सिस्टम सक्रिय रहता है, जो गलत या अपूर्ण जानकारी को तुरंत चिन्हित कर देता है। सभी सूचनाएं एन्क्रिप्टेड रूप में सुरक्षित सर्वर पर संग्रहित की जाती हैं, जिससे गोपनीयता पूरी तरह बनी रहती है।प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्व-गणना प्रक्रिया को अच्छी तरह समझ लिया है और इसे सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग देने का आश्वासन दिया।
