उत्तरकाशी।
जिले के डुण्डा विकास खंड के पटूड़ी और ढुगलधार गांवों में मोबाइल नेटवर्क की अनुपलब्धता को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। गांववासियों ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं आएगा, तब तक कोई नेता गांव की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा।

मुख्यालय से 30-35 किलोमीटर दूर स्थित ये दोनों गांव मोबाइल कनेक्टिविटी से पूरी तरह वंचित हैं। ग्रामीणों को सिग्नल पाने के लिए मोबाइल फोन को घर की छत पर या ऊंची जगहों पर टांगना पड़ता है। कई बार देर रात तक लोग सिग्नल की तलाश में इंतजार करते रहते हैं। परदेश में रह रहे परिवार के सदस्यों से संपर्क न हो पाने की वजह से परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि देश ‘डिजिटल इंडिया’ की बात कर रहा है, लेकिन उनके गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

मोबाइल नेटवर्क न होने से पलायन भी बढ़ा है। कई घरों में ताले लटके हुए हैं। स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि नेता केवल चुनाव के समय आश्वासन देते हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं होता। ग्रामीणों ने एकमत से फैसला लिया है कि 2027 के चुनाव में वे वोटिंग का बहिष्कार करेंगे और किसी भी नेता को गांव में आने नहीं देंगे। यह पहली बार नहीं है जब पर्वतीय क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की कमी को लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया है।
उत्तरकाशी जिले के कई अन्य गांवों में भी इसी तरह की समस्या बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए ऊपरी स्तर पर रिपोर्ट भेजने की बात कही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों की यह चेतावनी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
