पौड़ी गढ़वाल। लैंसडौन वन प्रभाग की लालढांग रेंज स्थित स्टोर से पांच बहुमूल्य हाथी दांत (Ivory) गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना के प्रकाश में आते ही वन विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रथम सूचना दर्ज कर ली गई है और निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी पौड़ी जिले की क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट (CIU) टीम को सौंप दी गई है।

घटनास्थल पर पहुंची CIU टीम ने लालढांग रेंज के स्टोर का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच एजेंसी का मुख्य फोकस स्टोर में रखे हाथी दांतों के आधिकारिक रिकॉर्ड, उनके रखरखाव की प्रक्रिया और उन परिस्थितियों पर है, जिनमें यह बहुमूल्य सामग्री गायब हुई। टीम मामले से जुड़े हर उस पहलू की गहराई से छानबीन कर रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि आखिर इतनी सुरक्षा के बीच हाथी दांत स्टोर से कैसे बाहर निकले और इस चूक की जिम्मेदारी किस पर तय होती है।
जांच के सिलसिले में CIU टीम ने वन विभाग के संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस की इस छानबीन के बाद वन विभाग के अमले में चिंता का माहौल है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह बाहरी चोरी का मामला है या फिर आंतरिक स्तर पर रिकॉर्ड में किसी प्रकार की हेराफेरी की गई है। हाथी दांत वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत अत्यंत संवेदनशील और प्रतिबंधित सामग्री मानी जाती है, इसलिए इसकी चोरी या गायब होना सीधे तौर पर गंभीर वन्यजीव अपराध (Wildlife Crime) की श्रेणी में आता है।
फिलहाल पुलिस और CIU टीम मामले की सभी कोणों से जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने पर इससे जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। प्रशासन का मानना है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी, ताकि भविष्य में राज्य की वन संपदा और प्रतिबंधित सामग्री की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोका जा सके।
