कोटद्वार। पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार भाबर क्षेत्र में जहरीले पशु आहार के सेवन से कई पशुओं की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। मृत पशुओं में अधिकांश दूध देने वाली और गाभिन गायें शामिल हैं, जबकि कुछ बछड़ों की भी जान गई है। इस घटना ने हरसिंहपुर, कलालघाटी, बालासौर, दुर्गापुरी और घमंडपुर समेत आसपास के इलाकों के पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है।

जांच में बेंजीन हेक्सा क्लोराइड की पुष्टि घटना की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों ने तत्काल जांच शुरू की। कोटद्वार के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीएम गुप्ता ने बताया कि पशुओं के खून, बिसरा और पशु आहार के नमूने जांच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), बरेली भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में पशु आहार में ‘बेंजीन हेक्सा क्लोराइड’ नामक खतरनाक रसायन की अधिक मात्रा पाई गई है। डॉ. गुप्ता के अनुसार, इसी विषाक्त रसायन की उपस्थिति ने पशु आहार को पशुओं के लिए घातक बना दिया, जिसके परिणामस्वरूप कई पशुओं की मौत हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और पशुपालकों को इस विशेष आहार को अपने पशुओं को न खिलाने की सख्त हिदायत दी गई है।
पशुपालकों को लाखों का नुकसान, हर्जाने की मांग घमंडपुर निवासी कुलदीप सिंह नेगी ने बताया कि उन्होंने स्थानीय डीलर से पशु आहार खरीदा था। उसे खिलाने के कुछ समय बाद ही उनके पशु बीमार पड़ने लगे। डॉक्टर को बुलाने के बावजूद कोई फायदा नहीं हुआ और उनकी गौशाला की नौ गायों और बछड़ों की मौत हो गई। नेगी के अनुसार, इस घटना से उन्हें 7 से 8 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से पशु आहार की गहन जांच कराने और प्रभावित पशुपालकों को उचित हर्जाना दिलाने की मांग की है।
प्रशासनिक सतर्कता और आगे की कार्रवाई इस घटना ने पशुपालकों में गंभीर चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि दूध देने वाली और गाभिन गायों की मौत से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा है। पशु चिकित्सा विभाग ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और संदिग्ध पशु आहार के उपयोग से बचने की सलाह दी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह विषाक्त रसायन पशु आहार में कैसे मिला और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। प्रभावित पशुपालकों का कहना है कि यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और उचित मुआवजा नहीं मिला, तो वे उच्च स्तर पर शिकायत करेंगे।
