रुद्रप्रयाग। जिले में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और अपराधियों की सप्लाई चेन को तोड़ने के उद्देश्य से कोतवाली पुलिस ने कबाड़ (स्क्रैप) कारोबारियों के खिलाफ अपना शिकंजा कस लिया है। इसी क्रम में जिला मुख्यालय स्थित कोतवाली परिसर में कबाड़ का व्यवसाय करने वाले व्यक्तियों के साथ एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी निरीक्षक मुकेश चौहान ने सभी व्यवसायियों को सख्त हिदायत दी कि वे पूर्णतः कानून के दायरे में रहकर अपना कारोबार करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या चोरी के माल की खरीद-फरोख्त से दूर रहें।
पुलिस ने कारोबारियों को स्पष्ट संदेश देने के लिए हाल के दिनों में की गई कड़ी कार्रवाई का हवाला भी दिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि हाल ही में घटित चोरी की वारदातों में चोरी का माल खरीदने और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप में तीन कबाड़ कारोबारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जा चुका है। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पुलिस अब चोरी का माल बेचने वाले और उसे खरीदने वाले दोनों के खिलाफ समान रूप से सख्त रुख अख्तियार कर रही है। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य चोरों के साथ-साथ उनके माल को ठिकाने लगाने वाले गिरोहों पर भी लगाम लगाना है।
बैठक के दौरान पुलिस की ओर से कारोबार के संचालन को लेकर विस्तृत और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए। व्यवसायियों को निर्देशित किया गया कि वे बिना उचित पहचान और सत्यापन के कोई भी संदिग्ध सामग्री क्रय न करें। विशेष रूप से पानी की मोटरें, बिजली व टेलीफोन के तारों के बंडल, लोहे के भारी गार्डर, कॉपर प्लेट्स और पुराने वाहन आदि की खरीद पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। यदि कोई व्यक्ति संदेहास्पद परिस्थितियों में ऐसी सरकारी या निजी सामग्री बेचने के लिए आता है, तो कारोबारियों को तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को देने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना वैध दस्तावेज के ऐसी संवेदनशील सामग्री खरीदना सीधे तौर पर अपराध की श्रेणी में माना जाएगा।
प्रभारी निरीक्षक मुकेश चौहान ने बैठक के अंत में सभी कबाड़ व्यवसायियों को कड़ी चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई भी कारोबारी चोरी की सामग्री खरीदते हुए या किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया गया, तो उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस सख्ती और स्पष्ट नीति के बाद जिले में चोरी की घटनाओं पर प्रभावी लगाम लगेगी और वैध व्यवसाय करने वाले कारोबारियों को भी एक सुरक्षित माहौल मिलेगा।
