श्रीनगर गढ़वाल। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ थीम के अंतर्गत एक विस्तृत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान, 560 से अधिक देशी रियासतों के ऐतिहासिक एकीकरण तथा राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के प्रति उनके अटल विचारों को स्मरण करते हुए उनकी प्रेरणादायी विरासत पर गंभीर चिंतन-मंथन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ओ.पी. गोसाईं ने राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरदार पटेल की दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति ने ही आज के अखंड भारत का आधार तैयार किया। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाएं तथा पटेल के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करें।
विभागाध्यक्ष प्रो. एम.एम. सेमवाल ने सरदार पटेल के जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों को साझा करते हुए उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पत्नी के निधन का शोक संदेश मिलने के बावजूद न्यायालय में अपने दायित्वों का निर्वहन जारी रखने वाले प्रसंग के माध्यम से पटेल की अद्वितीय कर्तव्यपरायणता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात बिखरी हुई 560 से अधिक देशी रियासतों को एक छत्र के नीचे लाने में सरदार पटेल की भूमिका इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। उन्होंने कहा कि यह एकीकरण केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक एकता की भी नींव था।
कार्यक्रम के संयोजक एवं राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. राकेश नेगी ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को भारत की सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकजुटता का सशक्त प्रतीक बताते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए प्रेरित किया। डॉ. नरेश ने भी राष्ट्रीय एकीकरण की प्रक्रिया में सरदार पटेल के योगदान के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए और बताया कि पटेल की कूटनीतिक दक्षता और दृढ़ संकल्प ने ही भारत को विभाजन के बाद भी एक राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ ली। विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय एकीकरण, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता एवं सरदार पटेल की ऐतिहासिक भूमिका पर अपने विचार साझा किए। पीएचडी शोधार्थी साक्षी एवं करिश्मा तथा बी.ए. के विद्यार्थी जसमीत, अभिषु लखेड़ा एवं भूमिका जोशी ने अपने विचार प्रस्तुत किए। अन्य विद्यार्थियों ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया गया। कार्यक्रम में अतिथि शिक्षक डॉ. गिरीश, डॉ. सुभाष एवं डॉ. हेमलता सहित विभाग के अन्य शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना, विविधता में एकता तथा राष्ट्र की अखंडता के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
