Dr CMS Rawat ne sambhala Srinagar Medical College ke principal ka karyabhar

डॉ. सीएमएस रावत ने संभाला श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का कार्यभार, ‘मॉडल मेडिकल कॉलेज’ बनाने का रखा लक्ष्य।

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा (एचएनबी) गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की कमान एक बार फिर डॉ. सीएमएस रावत के हाथों में आ गई है। मां धारी देवी, कमलेश्वर महादेव एवं नागेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन के उपरांत डॉ. रावत ने विधिवत रूप से प्राचार्य के पद का कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालते ही उन्होंने संस्थान को उत्तराखंड का ‘मॉडल मेडिकल कॉलेज’ बनाने का स्पष्ट और दूरदर्शी लक्ष्य निर्धारित किया है। कॉलेज परिसर में पहुंचने पर चिकित्सा अधीक्षक, संकाय सदस्यों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए पुनः प्राचार्य बनने पर शुभकामनाएं दीं।

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कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व डॉ. रावत ने धारी देवी मंदिर पहुंचकर मां का आशीर्वाद लिया, जहां पुजारी रामस्वरूप पांडेय ने पूजा-अर्चना कराकर उनके बेहतर कार्यकाल की कामना की। इसके पश्चात भगवान नागेश्वर महादेव मंदिर में महंत नितिन पुरी और कमलेश्वर महादेव मंदिर में महंत आशुतोष पुरी महाराज ने शिवलिंग पर जलाभिषेक एवं पूजा अनुष्ठान कर उन्हें सफल कार्यकाल के लिए आशीर्वाद दिया। कॉलेज परिसर में मां सरस्वती की वंदना के साथ ही उन्होंने औपचारिक रूप से अपने नए दायित्वों का श्रीगणेश किया।

पदभार ग्रहण करते ही डॉ. रावत ने प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों पर तत्काल फोकस किया। उन्होंने आगामी एमबीबीएस प्रवेश सत्र की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और सभी विभागाध्यक्षों एवं संबंधित अधिकारियों को प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही, विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की आवश्यकताओं का जायजा लिया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.एन. पांडेय के साथ बेस अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को मिलने वाली ओपीडी-आईपीडी सुविधाओं एवं भविष्य की योजनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया, ताकि शैक्षणिक और चिकित्सीय कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।

प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने स्पष्ट किया कि उनका प्राथमिक लक्ष्य श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को उत्तराखंड का सर्वश्रेष्ठ ‘मॉडल मेडिकल कॉलेज’ के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए चिकित्सा सेवाओं, मेडिकल शिक्षा, अनुसंधान (रिसर्च), आधुनिक संसाधनों के उन्नयन और मरीजों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में युद्धस्तर पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने दोबारा जो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ खरा उतरने का प्रयास किया जाएगा। कॉलेज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सभी फैकल्टी सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों को टीम भावना के साथ कार्य करना होगा।

संस्थान के विकास के दृष्टिकोण से एक अत्यंत सकारात्मक और रणनीतिक पहलू यह है कि कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। डॉ. रावत ने इसका जिक्र करते हुए कहा कि डॉ. सयाना को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की आवश्यकताओं, भौगोलिक चुनौतियों और संसाधनों की पूरी जानकारी है। ऐसे में निदेशक स्तर से संस्थान के विकास कार्यों को अभूतपूर्व गति मिलेगी। चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, फैकल्टी सुदृढ़ीकरण, अधोसंरचना विकास तथा संसाधनों के विस्तार के लिए प्रभावी और तेज कदम उठाए जा सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से संस्थान को प्रदेश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में लाया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर वित्त नियंत्रक प्रशांत कुमार शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.एन. पांडेय, डिप्टी एमएस डॉ. दीपा हटवाल, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विनिता रावत, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. धनंजय डोभाल, डॉ. मोहित, डॉ. पवन भट्ट, डॉ. सचान भट्ट, डॉ. जानकी बर्तवाल, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. जय कुमार, चीफ फार्मासिस्ट राजेंद्र चौहान, एस.के. भट्ट, डॉ. अमन भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में फैकल्टी सदस्य, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक उनियाल एवं संजय गुप्ता ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। वहीं, देवलगढ़ स्थित मां राजराजेश्वरी मंदिर के पुजारी कुंजिका प्रसाद उनियाल ने दीपक उनियाल के माध्यम से मां राजराजेश्वरी देवी का आशीर्वाद स्वरूप चुनरी भेंट कर नए प्राचार्य का अभिनंदन किया।

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