देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का प्रस्तावित दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा खराब मौसम के कारण बुरी तरह प्रभावित रहा। अल्मोड़ा की प्रस्तावित विशाल जनसभा मौसम की भेंट चढ़ने के बाद राहुल गांधी पौड़ी के कंडोलिया मैदान में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन में भी भौतिक रूप से शामिल नहीं हो सके। इसके बावजूद, उन्होंने वर्चुअल माध्यम से पूर्व सैनिकों को संबोधित किया और सुरक्षा व मौसम कारणों से कार्यक्रम में शामिल न हो पाने पर उनसे माफी मांगी। राहुल ने स्पष्ट किया कि हालांकि वे जमीन पर मौजूद नहीं हैं, लेकिन देश की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों के साथ संवाद उनके और पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

वर्चुअल संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस और सशस्त्र बलों के रिश्तों को मजबूत बताते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडाणी के संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े किए। राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का वित्तीय ढांचा सीधे तौर पर गौतम अडाणी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने यहीं तक दावा किया कि अमेरिका के साथ हुई डील के बाद ही अडाणी से जुड़े मामलों को खत्म करने की कवायद की गई है। उनके इन तीखे बयानों से राज्य की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है।
खराब मौसम के कारण राहुल गांधी का कोटद्वार दौरा भी रद्द हो गया, जहां उन्हें ‘मोहम्मद दीपक’ उर्फ दीपक कुमार से मुलाकात करनी थी। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी दीपक के जिम की सदस्यता भी लेने वाले थे। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद के बाद दीपक राष्ट्रीय सुर्खियों में आए थे। उस दौरान राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन करते हुए उन्हें ‘हीरो’ और ‘मोहब्बत की दुकान’ का प्रतीक बताया था और बाद में दिल्ली में भी उनसे मुलाकात की थी। ऐसे में कोटद्वार में प्रस्तावित यह मुलाकात कांग्रेस के लिए राजनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही थी, जो अब टल गई है।

दौरे के दूसरे दिन देहरादून में राहुल गांधी की प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, प्रकोष्ठ प्रमुखों, विधायकों और पूर्व विधायकों के साथ एक अहम बैठक प्रस्तावित है। यह बैठक प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के कार्यभार संभालने के बाद पहली बड़ी संगठनात्मक कवायद मानी जा रही है। बैठक में संगठन की मौजूदा स्थिति, बूथ स्तर की तैयारियों, आगामी कार्यक्रमों और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा होगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यह बैठक 2027 चुनाव से पहले संगठन की नब्ज टटोलने और उसकी भविष्य की दिशा तय करने वाली एक महत्वपूर्ण कवायद साबित होगी, जिसमें प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक के नेताओं से सीधा फीडबैक लिया जाएगा।
