पौड़ी गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में किसानों को उनकी उपज का उचित एवं बेहतर मूल्य दिलाने और पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मिलेट्स मिशन योजना के अंतर्गत 01 अक्टूबर से जनपद में मिलेट्स खरीद अभियान शुरू हो गया है। इस अभियान के तहत जनपद की बहुद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित 17 क्रय केंद्रों पर किसानों से मंडुआ सहित अन्य पहाड़ी उपज की खरीद की जाएगी। किसानों की सुविधा, उपज की उपलब्धता और स्थानीय आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए क्रय केंद्रों की संख्या में और वृद्धि भी की जा सकती है।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने खरीद अभियान के सुचारू संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि क्रय केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। खरीद प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित क्रय केंद्रों पर अपनी उपज उपलब्ध कराकर सरकार द्वारा निर्धारित खरीद मूल्य का सीधा लाभ उठाएं।
इस वर्ष प्रदेशभर में कुल 250 क्रय केंद्रों के माध्यम से मंडुआ, झंगोरा, दालें, तिलहन, चौलाई सहित अन्य पहाड़ी उत्पादों की खरीद की जाएगी। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) के माध्यम से गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडलों में किसानों से सीधे उपज की खरीद की प्रक्रिया संचालित होगी। वहीं, अन्य पहाड़ी उत्पादों की खरीद बाजार मूल्य के आधार पर यूसीएफ हाट के माध्यम से की जाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
वर्ष 2026-27 के लिए मंडुए का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,205 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
यह मूल्य पिछले वर्ष के 4,886 रुपये प्रति क्विंटल की तुलना में 319 रुपये अधिक है, जो पहाड़ी किसानों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। बीते वर्ष 2025-26 में जनपद पौड़ी गढ़वाल में 17 क्रय केंद्रों के माध्यम से 831 किसानों से कुल 10,941 क्विंटल मंडुए की खरीद की गई थी। इस दौरान कृषि विभाग द्वारा क्रय केंद्रों पर मंडुआ उपलब्ध कराने वाले स्वयं सहायता समूहों एवं अन्य समूहों को 150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी किया गया था।
सहकारिता निबंधक सुमन कुमार ने बताया कि जनपद में मंडुआ खरीद के लिए 17 क्रय केंद्रों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की सुविधा और उपज की उपलब्धता के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। सुमन कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित क्रय केंद्रों पर अपनी उपज समय पर उपलब्ध कराएं ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके और कोई भी किसान इस योजना से वंचित न रहे।
