श्रीनगर गढ़वाल। प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, कुशल संगठनकर्ता एवं अंत्योदय के प्रणेता श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ, जिला पौड़ी गढ़वाल की ओर से श्रीनगर गढ़वाल में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिवक्ताओं एवं पदाधिकारियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उनके विचारों को याद किया।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक श्री अनूप श्री पांथरी एडवोकेट ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र कल्याण और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के उत्थान को समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि पंडित जी द्वारा दिया गया ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ का दर्शन आज पूरे देश में विकास नीतियों का मूल आधार बना हुआ है। उन्होंने अधिवक्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि न्यायपालिका एवं विधि जगत से जुड़े अधिवक्ताओं का दायित्व है कि वे समाज के निर्बल, वंचित और जरूरतमंद वर्ग को सुलभ व निष्पक्ष न्याय दिलाने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएं, तभी पंडित जी के सपनों का भारत साकार होगा।
विधि प्रकोष्ठ के सह-संयोजक श्री विकास पंत ने अपने संबोधन में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचार संगठन, राष्ट्रनिष्ठा और सामाजिक समरसता के अनुपम उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य में विधिक बिरादरी को पंडित जी के एकात्म दर्शन को अपनी कार्यशैली का अभिन्न अंग बनाना चाहिए, जिससे न्याय प्रक्रिया में संवेदनशीलता और पारदर्शिता और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि संगठन को गांव-गांव और अंतिम व्यक्ति तक मजबूत करने में विधि प्रकोष्ठ निरंतर समर्पित भाव से कार्य करता रहेगा।
गोष्ठी में उपस्थित पूर्व बार काउंसिल अध्यक्ष श्री अर्जुन सिंह भंडारी ने पंडित जी के सामाजिक और आर्थिक विचारों को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बताते हुए सभी से उनके पदचिन्हों पर चलने का आह्वान किया।
इस विचार गोष्ठी में जिला संयोजक श्री अनूप श्री पांथरी, सह-संयोजक विकास पंत, पूर्व बार काउंसिल अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी, अध्यक्ष बार एसोसिएशन परमेश चंद्र जोशी, सुनीता भंडारी, कुलदीप दानू, प्रेरणा काला, बलवीर सिंह रौतेला, सुरेंद्र सिंह रौथान, ब्रह्मानंद भट्ट, सुबोध भट्ट, राजेश कुमार जैन, ओम प्रकाश मेठानी, गौरव उपाध्याय, रतन सिंह बिष्ट, लक्ष्मीकांत एवं परमानंद मेठानी सहित अनेक वरिष्ठ अधिवक्ताओं एवं प्रबुद्धजनों ने प्रतिभाग कर पंडित जी के विचारों पर विस्तृत चिंतन-मंथन किया तथा उनके आदर्शों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
