पौड़ी।
जनपद पौड़ी गढ़वाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के गांवों से लेकर सरकारी दफ्तरों तक को सोलर पावर से जोड़ने की पहल धरातल पर साकार हुई है। इस महत्वाकांक्षी अभियान से बिजली खर्च में कमी आई है, ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।

इस वित्तीय वर्ष में पौड़ी जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा से बड़ा परिवर्तन हुआ है। जिला योजना के माध्यम से 548 सोलर स्ट्रीट लाइटें और 27 हाई मास्ट लाइटें स्थापित की गई हैं। इससे पहले जहां सार्वजनिक स्थानों पर रात में अंधेरा रहता था, अब वहां रोशनी से आवागमन सुरक्षित और सुगम हो गया है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए जिले के 18 शासकीय भवनों में कुल 2162 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। धुमाकोट तहसील परिसर में 08 किलोवाट का ऑन-ग्रिड सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इन संयंत्रों से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, पर्यावरण संरक्षण होगा और सरकारी संस्थानों के बिजली बिलों में भारी बचत सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत भी पौड़ी जिले में उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। इस वित्तीय वर्ष में 76 सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं जिनकी कुल क्षमता 13,515 किलोवाट है। इन संयंत्रों से उत्पादित बिजली को सीधे यूपीसीएल द्वारा खरीदा जा रहा है, जिससे लाभार्थियों को नियमित आय का ठोस माध्यम मिला है। इस योजना ने अब तक लगभग 210 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार से जोड़कर स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती दी है।
उरेडा के परियोजना अधिकारी चंद्र प्रकाश उपाध्याय ने बताया कि जिले में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनपद में अक्षय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोलर परियोजनाएं दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुंचा रही हैं और इससे रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
