HNB Garhwal Univ me civil services abhiyarthiyon ke liye vishesh vyakhyan

एचएनबी गढ़वाल विवि में सिविल सेवा अभ्यर्थियों के लिए विशेष व्याख्यान, संचार कौशल और समय प्रबंधन पर मिला व्यावहारिक मार्गदर्शन

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी को लेकर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में डॉ. अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र एवं सिविल सेवा निःशुल्क कोचिंग योजना के संयुक्त तत्वावधान में संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं समय प्रबंधन विषयों पर दो विशेष व्याख्यानों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भाषा एवं संचार कौशल के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन, लक्ष्य निर्धारण और समय के प्रभावी उपयोग के संबंध में व्यावहारिक एवं प्रेरणादायक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। डॉ. अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र के समन्वयक प्रो. एम.एम. सेमवाल ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया।

skynet school banner

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में आधुनिक यूरोपीय एवं विदेशी भाषा विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. आरुषी उनियाल ने ‘संचार कौशल एवं व्यक्तित्व विकास’ विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने प्रभावी संचार के सात प्रमुख सिद्धांतों—स्पष्टता, संक्षिप्तता, ठोसता, शुद्धता, सुसंगतता, पूर्णता एवं विनम्रता के बारे में विस्तार से चर्चा की। डॉ. उनियाल ने स्पष्ट किया कि प्रभावी संचार केवल बोलने की क्षमता का नाम नहीं है, बल्कि यह स्पष्ट विचार, उचित भाषा, ध्यानपूर्वक सुनने, आत्मविश्वास और सामने वाले के दृष्टिकोण को समझने की क्षमता का समन्वय है। उन्होंने समूह चर्चा, ध्वनि कार्यक्रम, शब्दावली विकास, मौखिक एवं गैर-मौखिक संचार, शारीरिक हाव-भाव और प्रस्तुतीकरण कौशल जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। यह सत्र पूरी तरह से संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपने प्रश्न साझा किए और व्यावहारिक उपायों को समझा।

दूसरे सत्र में दृष्टिबाधित संस्थान, चंडीगढ़ के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य श्री जे.एस. जयाडा ने ‘जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण का महत्व एवं समय प्रबंधन’ विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए व्यक्ति की परिस्थितियों से अधिक महत्वपूर्ण उसका दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और कठिन चुनौतियों से निपटने की क्षमता होती है। श्री जयाडा ने अपने जीवन एवं कार्यक्षेत्र से जुड़े वास्तविक और प्रेरणादायक उदाहरण साझा कर विद्यार्थियों को असफलताओं से सीखने और चुनौतियों को अवसर में बदलने की प्रेरणा दी। समय प्रबंधन पर चर्चा करते हुए उन्होंने दैनिक लक्ष्य निर्धारित करने, कार्यों की प्राथमिकता तय करने, अध्ययन की समय-सारणी बनाने और बड़े लक्ष्यों को छोटे-छोटे चरणों में विभाजित करने की सलाह दी। उनके सहज और प्रसन्नचित्त अंदाज़ ने गंभीर विषयों को भी विद्यार्थियों के लिए रोचक और आनंददायक बना दिया।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. आशीष बहुगुणा ने कहा कि सिविल सेवा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावी संचार, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, अनुशासन और समय प्रबंधन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रम उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, प्रो. एम.एम. सेमवाल ने दोनों वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विषय विशेषज्ञों एवं अनुभवी व्यक्तित्वों के साथ संवाद विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ जीवन कौशल की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता करता है।

इस अवसर पर डॉ. अरुण शेखर बहुगुणा, डॉ. कुलदीप टम्टा, डॉ. प्रकाश सिंह, डॉ. मुकेश सहाय, डॉ. अरविंद रावत, डॉ. शैलेंद्र चमोला एवं डॉ. वीर सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। डॉ. अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र एवं सिविल सेवा निःशुल्क कोचिंग योजना द्वारा विद्यार्थियों के शैक्षणिक, व्यक्तित्व एवं जीवन कौशल विकास के लिए इस प्रकार के विशेष व्याख्यान एवं संवादात्मक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अभ्यर्थी प्रशासनिक सेवाओं के लिए हर दृष्टिकोण से तैयार हो सकें।

More From Author

Pauri ki nayi CMO Dr Meghna Aswal ka Srinagar me swagat

पौड़ी की नई CMO डॉ. मेघना असवाल का स्वागत, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और शोध कार्यों की हुई सराहना।