नरेंद्रनगर (टिहरी)। टिहरी जनपद के नरेंद्रनगर में चल रहे नगर निकाय चुनाव के दौरान एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल पर अपने पोलिंग बूथ के अलावा एक अन्य पोलिंग बूथ के भीतर जाने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला अब चुनाव आयोग के नियमों के उल्लंघन तक पहुंच गया है। पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मंत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

नरेंद्रनगर पालिका क्षेत्र में चुनाव के दौरान धारा 163 लागू है। इस धारा के प्रावधानों के तहत कोई भी विधायक या मंत्री अपने पोलिंग बूथ के अलावा किसी अन्य पोलिंग बूथ के भीतर नहीं जा सकता। नियम यह भी है कि यदि वे किसी अन्य बूथ पर जाते भी हैं, तो उन्हें बिना किसी लाव-लश्कर के केवल पोलिंग बूथ के बाहर तक ही जाने की अनुमति होती है। लेकिन आरोप है कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल धर्मानंद उनियाल महाविद्यालय में स्थित एक अन्य पोलिंग बूथ के भीतर चले गए और सरकारी लाव-लश्कर का भी इस्तेमाल किया।
इस घटना को लेकर पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और उसके मंत्री अब खुलेआम गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। रावत ने कहा कि मंत्री सुबोध उनियाल स्वयं प्रदेश के निर्वाचन मंत्री हैं। उनके द्वारा ही यदि चुनाव आयोग की गाइडलाइन का उल्लंघन किया जाता है, तो यह उनकी गरिमा को तार-तार करने जैसा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा का विश्वास अब लोकतंत्र में नहीं, बल्कि गुंडई और तानाशाही में रह गया है।
ओम गोपाल रावत ने बताया कि धारा 163 लागू होने के बावजूद मंत्री सुबोध उनियाल सरकारी लाव-लश्कर के साथ दूसरे बूथ के भीतर प्रवेश कर गए। उन्होंने इसे भारत निर्वाचन आयोग के नियमों का खुला उल्लंघन बताया। पूर्व विधायक ने मांग की है कि निर्वाचन आयोग को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए और मंत्री सुबोध उनियाल के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने खुलेआम सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया है। इस पूरे मामले को लेकर नरेंद्रनगर की राजनीति गरमा गई है और विपक्ष सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता।
