हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक मशीनरी अब पूरी तरह से सक्रिय हो गई है और कागजी योजनाओं को धरातल पर उतारने की कवायद तेज कर दी गई है। गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में सीसीआर सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में साफ संदेश दे दिया गया है कि कुंभ से जुड़े किसी भी विभाग की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, एजेंसियों तथा संबंधित संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे, जहां विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं, यातायात, स्वास्थ्य, सफाई और आपदा प्रबंधन जैसे अहम मुद्दों पर गहन मंथन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त आनंद स्वरूप ने स्पष्ट किया कि कुंभ मेला महज एक सरकारी आयोजन नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की प्रतिष्ठा, संस्कृति और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने कार्यों के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करें और निर्धारित समयसीमा के भीतर उन्हें हर हाल में पूरा करें।
तैयारियों की नियमित निगरानी के लिए आयुक्त ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब प्रत्येक माह उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में विभागों की प्रगति का कड़ाई से मूल्यांकन होगा। साथ ही, यह भी तय किया गया कि आगामी समीक्षा बैठकों में केवल वही नोडल अधिकारी शामिल होंगे, जिन्हें विभागीय योजनाओं की संपूर्ण जानकारी हो और जो मौके पर निर्णय लेने व समन्वय स्थापित करने में पूरी तरह सक्षम हों।
कुंभ मेला की सफलता के लिए रेलवे, परिवहन और आपदा प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल पर विशेष जोर दिया गया। आयुक्त ने इन विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेताया कि लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं और आपातकालीन कार्ययोजनाएं पहले से ही तैयार रखनी होंगी। बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं मेलाधिकारी सोनिका ने तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की।

उन्होंने रेल एवं सड़क परिवहन के साथ ही आपदा प्रबंधन की कार्ययोजना को शीघ्र अंतिम रूप देने पर बल दिया, ताकि समय रहते सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो सकें। वहीं, उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल की मंडल रेल प्रबंधक विनीता श्रीवास्तव ने भी ऑनलाइन जुड़कर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्तर पर की जा रही विशेष व्यवस्थाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की।
बैठक के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने भी अपनी राय रखी। जिलाधिकारी देहरादून आशीष चौहान, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल तथा एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र डोबाल ने कुंभ आयोजन को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए अहम सुझाव दिए। सफाई और सैनिटेशन के मोर्चे पर नगर आयुक्त नंदन कुमार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की तैयारियों का ब्योरा दिया, जबकि अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने स्वीकृत कार्यों की प्रगति और आगामी योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक के समापन पर आयुक्त आनंद स्वरूप ने अधिकारियों को यह एहसास दिलाया कि आगामी समय कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इस आयोजन को केवल एक सरकारी ड्यूटी न समझें, बल्कि राज्य की प्रतिष्ठा और आस्था से जुड़े एक बड़े दायित्व के रूप में लें। पूर्ण गंभीरता, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के उनके इस आह्वान के साथ ही प्रशासनिक मशीनरी में कुंभ 2027 को लेकर सरगर्मियां और तेज होने के स्पष्ट संकेत मिल गए हैं।
