श्रीनगर। गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने गुरुवार को श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को संतोषजनक पाया और चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना की। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं हर समय सुचारु एवं सक्रिय रहनी चाहिए।

निरीक्षण के क्रम में मंडलायुक्त ने इमरजेंसी वार्ड, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट, ब्लड बैंक, माइक्रोबायोलॉजी लैब, बायोकेमिस्ट्री लैब, पैथोलॉजी लैब तथा कैथ लैब सहित विभिन्न प्रमुख विभागों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, सुविधाओं तथा मानव संसाधनों की बारीकी से जानकारी ली और आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उन्हें दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में सीधा फीडबैक लिया।
चिकित्सकों और स्टॉफ को दिशा-निर्देश देते हुए आनंद स्वरूप ने कहा कि उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक मरीज को बेहतर, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा सीजन के दौरान अस्पताल की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के साथ यहां पहुंचते हैं। ऐसे में सभी आपातकालीन व्यवस्थाएं पूरी तरह सक्रिय एवं सुव्यवस्थित रहनी चाहिए, ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल उपचार दिया जा सके। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर भी जोर दिया, क्योंकि स्वच्छ वातावरण मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में अहम भूमिका निभाता है।
आगामी मानसून सीजन और संभावित आपदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मंडलायुक्त ने अस्पताल प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने चिकित्सकों द्वारा मांगे गए आवश्यक चिकित्सा उपकरणों एवं संसाधनों की खरीद प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। आपदा की स्थिति में मरीजों को निर्बाध उपचार उपलब्ध कराने के लिए पहले से सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए फिटर एवं विद्युत कर्मियों की आवश्यकता संबंधी प्रस्ताव भी जल्द शासन को भेजने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने अस्पताल की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) व्यवस्था की भी जानकारी ली और कहा कि अस्पताल को एसटीपी प्रणाली से जोड़ने हेतु शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने परिसर में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर ब्लॉक के कार्यों की समीक्षा करते हुए उसे गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि बेस अस्पताल श्रीनगर पूरे क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान है, इसलिए यहां जनता और श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन स्तर से हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सतीश कुमार, डॉ. दीपा सहित अस्पताल के अन्य वरिष्ठ चिकित्सक, नोडल अधिकारी एवं प्रशासनिक कर्मचारी मौजूद रहे।
