Doiwala Me Vivadit Masjid Parisar Ko MDDA Ne Kiya Seal

डोईवाला में विवादित मस्जिद परिसर को MDDA ने किया सील, भारी पुलिस बल तैनात; काली सेना के अल्टीमेटम के बाद चली कार्रवाई

देहरादून। राजधानी के डोईवाला क्षेत्र अंतर्गत थानों (कंडोगल कुड़ियाल गांव) में सोमवार को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक विवादित मस्जिद परिसर को पूरी तरह से सील कर दिया। 27 मई को जारी नोटिस की अवधि समाप्त होने और हिंदू संगठन देवभूमि काली सेना के अल्टीमेटम के बाद प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को टालने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

skynet computer education

प्राधिकरण के अनुसार, करीब 800 वर्ग फीट क्षेत्रफल के दो मंजिला आवासीय भवन को नियमों के विपरीत मस्जिद और मदरसे के रूप में उपयोग किया जा रहा था। इसका संचालन इंतजामिया कमेटी जामा मस्जिद द्वारा किया जा रहा था। एमडीडीए के रिकॉर्ड के मुताबिक, उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम-1973 के उल्लंघन को लेकर बीते 17 दिसंबर 2025 को भवन की पहली मंजिल को सील किया गया था। इसके बाद कमेटी को नक्शा स्वीकृति, वक्फ बोर्ड की एनओसी और मदरसे की मान्यता सहित अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन निर्धारित अवधि में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

उधर, मुस्लिम पक्ष ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई है। भूमि स्वामी दिलशाद का दावा है कि उन्होंने वर्षों पूर्व यह जमीन मस्जिद के लिए दान में दी थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एमडीडीए के नोटिस में केवल 20×40 फीट के 특정 हिस्से को सील करने का जिक्र था, लेकिन सोमवार को पूरे परिसर और सभी कमरों पर ताला जड़ दिया गया। क्षेत्र में 35 साल से रह रहीं 60 वर्षीय रजिया ने बताया कि यह परिसर दशकों से सामुदायिक उपयोग में था और इसे लेकर कभी कोई विवाद नहीं था। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक विभाग की स्वीकृति के बाद 2023 में पेयजल विभाग द्वारा इमाम के आवास के लिए बनाए गए कमरे को भी तीन माह पूर्व सील कर दिया गया था, जिससे स्थानीय लोगों में भ्रम और रोष है।

इस पूरे प्रकरण में देवभूमि काली सेना लगातार मुखर थी। संगठन ने पूर्व में कई बार सांकेतिक प्रदर्शन कर अवैध निर्माण को हटाने की मांग की थी और कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने का अल्टीमेटम दिया था। संगठन की चेतावनी और कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए एमडीडीए ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा बल की मांग की थी। सोमवार सुबह पुलिस छावनी में एमडीडीए की टीम ने पहुंचकर मुख्य प्रवेश द्वार और सभी कमरों को सील कर दिया। फिलहाल, एमडीडीए की ओर से इस बाबत कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अवैध धार्मिक निर्माणों के खिलाफ प्रशासन का रवैया लगातार सख्त हो रहा है। हरिद्वार में भी हाल ही में प्रशासन की चेतावनी और सीलिंग के नोटिस के बाद एक मस्जिद प्रबंधन को बिना अनुमति बनाई जा रही ऊंची मीनार को खुद ही हटाना पड़ा था। डोईवाला की यह कार्रवाई भी उसी सख्त रवैये की कड़ी मानी जा रही है।

More From Author

Vishwa Hindu Parishad Aur Bajrang Dal Karyakartao Ka Roorkee Prashikshan Shivir

पिथौरागढ़ : विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं का रुड़की प्रशिक्षण शिविर, संगठनात्मक क्षमता वृद्धि पर जोर

Dharchula Me Trade Office Khula

धारचूला में ट्रेड ऑफिस खुला, सात साल बाद लिपुलेख दर्रे से फिर शुरू होगा भारत-चीन व्यापार; गुंजी में कस्टम और बैंक शाखा भी सक्रिय