रुड़की।
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद हलाला से जुड़ा पहला मामला अब अदालत में पहुंच गया है। हरिद्वार जिले के बुग्गावाला थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।पीड़िता महिला ने अपने पति मोहम्मद दानिश समेत ससुराल पक्ष के 9 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

महिला ने दहेज प्रताड़ना, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और UCC उल्लंघन के आरोप लगाए थे। पुलिस ने 4 अप्रैल 2026 को दर्ज शिकायत के आधार पर पति मोहम्मद दानिश, ससुर सईद, जेठ मोहम्मद अरशद, देवर परवेज और जावेद, सास गुलशाना, ननद सलमा, नंदोई फैजान तथा देहरादून निवासी रहमान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान UCC की धारा 32(1)(ii) और 32(1)(iii) के उल्लंघन के साक्ष्य मिले। पुलिस ने सभी साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय, रुड़की की अदालत में दाखिल कर दी है।
पीड़िता के भाई सलमान ने बताया कि उनकी बहन की शादी करीब डेढ़ साल पहले हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज की मांग को लेकर परेशान करने लगा। विरोध करने पर बहन के साथ मारपीट भी की गई। गांव के लोगों ने कई बार समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी। अंत में बहन को तलाक दे दिया गया और फिर हलाला के लिए दबाव बनाया जाने लगा। सलमान ने कहा कि नए कानून के तहत कार्रवाई शुरू होने से परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रशासन का सहयोग मिलने की बात कही। हरिद्वार के एसएसपी ग्रामीण शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि पुलिस ने तय समय के भीतर जांच पूरी कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुकदमे में लगी धाराओं में गिरफ्तारी का स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसलिए अभी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
अब मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार होगी। यह मामला UCC लागू होने के बाद हलाला और तीन तलाक से जुड़ा पहला दर्ज मामला माना जा रहा है। राज्य सरकार का दावा है कि UCC लागू होने के बाद महिलाओं को समान अधिकार और कानूनी सुरक्षा मिली है। पीड़ित परिवार ने बिरादरी में ऐसी प्रथाओं का शिकार होने वाली अन्य महिलाओं से भी सामने आने की अपील की है।
