नैनीताल।
कुमाऊं कमिश्नर व मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने नैनीताल में एसडीएम, तहसील और निबंधन कार्यालयों का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां और अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को सख्त फटकार लगाई और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।कमिश्नर दीपक रावत ने सबसे पहले लंबित राजस्व वादों की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि धारा 229-बी के अंतर्गत कई प्रकरण 15 से 20 साल से लंबित पड़े हैं।

इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए एसडीएम को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक सप्ताह तिथि निर्धारित कर इन वादों का निस्तारण सुनिश्चित करें। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि धारा 176 से संबंधित संपत्ति बंटवारे के कुछ मामलों में एसडीएम के आदेश जारी होने के बावजूद संबंधित पटवारियों ने ‘कुर्रे’ दाखिल नहीं किए हैं। कमिश्नर ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और जिम्मेदार कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
राजस्व अहलमद रोहित पालीवाल पर भी कमिश्नर नाराज हुए। उन्होंने पाया कि धारा 143 से संबंधित प्राप्त आवेदनों की कोई जानकारी अहलमद के पास नहीं थी और न ही संतोषजनक कार्य किया जा रहा था। अभिलेखों और पत्रावलियों का रखरखाव भी ठीक नहीं था। कमिश्नर ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। राजस्व निरीक्षक और उप-निरीक्षकों की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी कमिश्नर ने नाराजगी जताई।

उन्होंने उनकी सूची तैयार कर प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने एसडीएम और तहसीलदार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे राजस्व निरीक्षकों और उप-निरीक्षकों के साथ तहसील में बैठकर धारा 143 के सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करें। जब तक कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती, कार्यालय बंद नहीं होगा और नियमित रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए। धारा 143 के आवेदनों में हो रहे विलंब के कारणों की रिपोर्ट भी तुरंत प्रस्तुत करने को कहा गया।
सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के निरीक्षण में भी अनियमितताएं सामने आईं। रजिस्ट्री दस्तावेजों और अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही पाई गई। कई रजिस्ट्रियों के बाद क्रेता को रजिस्ट्री देने के लिए रिसिविंग पंजिका उपलब्ध नहीं थी। कुछ रजिस्ट्रियों का विवरण भी मौके पर उपलब्ध नहीं था। कमिश्नर ने सब-रजिस्ट्रार से स्पष्टीकरण तलब किया और ऐसी लापरवाही न दोहराने की चेतावनी दी।
निरीक्षण के दौरान एडीएम सौरभ असवाल, प्रशिक्षु आईएएस दिव्यांशु मीणा, एसडीएम नवाजिश खलीक, तहसीलदार अक्षत कुमार भट्ट सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।कमिश्नर दीपक रावत ने स्पष्ट संदेश दिया कि राजस्व और निबंधन कार्यालयों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया।
