कोटद्वार। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देशन में चल रहे ‘नशामुक्त भारत पखवाड़ा’ के तहत कोटद्वार पुलिस ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता का अभियान तेज कर दिया है। 12 जून से शुरू होकर 26 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत 19 जून को चौकी कलालघाटी और कोतवाली कोटद्वार की पुलिस टीम ने शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों में पहुंचकर नशा मुक्ति की शपथ दिलाई और लोगों को जागरूक किया।

इसी क्रम में पुलिस टीम सबसे पहले जीत लाल प्राइवेट आईटीआई झण्डीचौड़ पहुंची। यहां छात्र-छात्राओं और संस्थान के स्टाफ को एकत्रित कर नशे के गंभीर दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। इसके बाद टीम सिगड्डी ग्रोथ सेंटर स्थित सिम्पैक्स फार्मास्यूटिकल कम्पनी पहुंची और वहां के कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने मिलकर ‘Say Yes to Life, No to Drugs’ की शपथ ली। सभी ने नशीले तथा मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ एकजुट होकर नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।
पुलिस अधिकारियों और जवानों ने मौजूद लोगों को समझाया कि नशे के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होकर ही समाज को सुरक्षित बनाया जा सकता है और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाई जा सकती है। इस दौरान लोगों को नशे की शिकायत और मदद के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों की विस्तार से जानकारी दी गई। राष्ट्रीय डी-एडिक्शन हेल्पलाइन नंबर 14446 और ड्रग्स कम्प्लेन नंबर 9412029536 के बारे में बताया गया ताकि लोग किसी भी स्थिति में तुरंत मदद ले सकें।
इसके अलावा भारत सरकार द्वारा शुरू की गई 24 घंटे सक्रिय रहने वाली ‘मानस’ राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि इस नंबर पर कॉल करके लोग नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री की सूचना दे सकते हैं। इसके साथ ही नशे की लत से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार और पुनर्वास की जानकारी भी ली जा सकती है। नशा मुक्ति केंद्रों, काउंसलिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं के बारे में भी यहां पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाया कि वे अपनी सूचना पूर्ण गोपनीयता के साथ साझा कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी से नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने और 1933 पर कॉल करने की अपील की गई।
