पौड़ी। गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने बुधवार को मंडल मुख्यालय पौड़ी में स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संभागीय परिवहन कार्यालय, संयुक्त निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग और अपर निदेशक कृषि कार्यालय का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जहां व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए, वहीं कहीं-कहीं कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया और वेतन रोकने तक की कार्रवाई की।

सबसे पहले संभागीय परिवहन कार्यालय पहुंचे आयुक्त ने वहां मुख्य द्वार पर शिकायत पेटी स्थापित करने और अभिलेखों व पंजिकाओं को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन से जुड़े मामलों, नगर क्षेत्र और चारधाम यात्रा मार्गों पर पार्किंग व्यवस्था की जानकारी ली। धारी देवी क्षेत्र में पार्किंग प्रबंधन और चालान की स्थिति का भी ब्योरा मांगा। आयुक्त ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि यात्रियों और स्थानीय लोगों को किसी भी तरह की अनावश्यक असुविधा नहीं होनी चाहिए और पार्किंग स्थलों के चिन्हीकरण का काम समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
परिवहन कार्यालय में आयुक्त ने जुलाई 2025 से 15 जून 2026 तक हुई सड़क दुर्घटनाओं का विवरण भी तलब किया। उन्होंने डुंगरी में निर्माणाधीन ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान लाइसेंस बनवाने आए आवेदकों से भी आयुक्त ने बातचीत की और विभागीय व्यवस्थाओं को लेकर उनका फीडबैक लिया।
इसके बाद आयुक्त संयुक्त निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने डाक एवं उपस्थिति पंजिकाओं का अवलोकन किया और अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव के निर्देश दिए। कार्यालय भवन की मरम्मत और अनुरक्षण से जुड़े प्रस्ताव निदेशालय को भेजने, पुरानी पत्रावलियों को बांधने, शिकायत पेटी लगाने और विभागीय योजनाओं की जानकारी के लिए सूचना पट्ट लगाने को कहा। किसानों को वितरित किए जा रहे पौधे और बीजों की जानकारी लेते हुए उन्होंने प्रगति चार्ट और गढ़वाल मंडल के सभी जनपदों की मासिक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही अनुपयोगी और खराब सामग्री की नियमानुसार नीलामी सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए।
अपर निदेशक कृषि कार्यालय के निरीक्षण के दौरान आयुक्त का रवैया काफी सख्त रहा। उन्होंने प्रभारी अपर निदेशक कृषि को सप्ताह में कम से कम दो दिन मंडल मुख्यालय स्थित कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रधान सहायक को अनुपस्थित पाया गया। वहीं, किसान सम्मान निधि से संबंधित समस्या लेकर आए एक कृषक की सुनवाई नहीं हो रही थी। इस लापरवाही पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई और प्रधान सहायक तथा सहायक कृषि अधिकारी (वर्ग-1) के वेतन आहरण पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए।
नियमित उपस्थिति नहीं होने के कारण आयुक्त ने अपर निदेशक कृषि के विभागीय वाहन एवं चालक को आयुक्त कार्यालय से संबद्ध करने के भी आदेश दिए। इसके अलावा उन्होंने कार्य आवंटन, बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था और कार्यालय अभिलेखों का भी निरीक्षण किया। फसल बीमा योजना से संबंधित पुराना सूचना पट्ट प्रदर्शित मिलने पर उसे तत्काल अद्यतन करने के निर्देश दिए गए।
इस औचक निरीक्षण के दौरान संभागीय परिवहन अधिकारी अरविंद पांडे, एआरटीओ एन.के. ओझा, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण कार्यालय के प्रधान सहायक कुलदीप राणा, अपर निदेशक कृषि कार्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भास्करानंद नौटियाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुमन नेगी, वैयक्तिक सहायक आयुक्त राजेश सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
