देहरादून। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लक्ष्य मानकर उत्तराखंड कांग्रेस अब पूरी तरह से मिशन मोड में आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे को लेकर संगठन स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने देहरादून पहुंचकर कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया और पार्टी पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरे को 2027 के चुनावी शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है, जिसके जरिए पार्टी राज्य में अपनी जमीन मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

रविवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने के बाद कुमारी सैलजा ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ नीरजा ग्रीन्स और आइएसबीटी हरिद्वार बाईपास रोड स्थित प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। इसके बाद राजीव भवन (पीसीसी मुख्यालय) में हुई बैठक में प्रदेश प्रभारी ने विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रमुखों और फ्रंटल संगठनों के नेताओं के साथ आगामी रणनीति पर चर्चा की। हालांकि, इस अहम बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नदारद रहने से राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर कयासों का दौर शुरू हो गया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया गया है। चार जून को राहुल गांधी अल्मोड़ा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसके लिए कुमाऊं क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को जुटाने की जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं को दी गई है। इसी दिन पौड़ी गढ़वाल में प्रस्तावित ‘पूर्व सैनिक संवाद कार्यक्रम’ की तैयारियों को लेकर भी प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने सोमवार को पौड़ी पहुंचकर ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण किया । उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों और सैन्य परिवारों के बड़े वोट बैंक को देखते हुए कांग्रेस इस वर्ग के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, पांच जून को देहरादून में राहुल गांधी पार्टी के विधायकों, पूर्व सांसदों, जिला एवं नगर अध्यक्षों के साथ संवाद कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
उधर, राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखा राजनीतिक हमला बोलना शुरू कर दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने राहुल गांधी की आगामी यात्रा पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि उन्हें राज्य आने पर पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि उनका दौरा हमेशा भाजपा के लिए ही शुभ और फायदेमंद साबित होता है। भट्ट ने स्पष्ट किया कि भाजपा इस दौरे को लेकर पूरी तरह से निश्चिंत है। उन्होंने कांग्रेस पर सेना और सनातन विरोधी होने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की जनता ऐसे दलों को कभी स्वीकार नहीं कर सकती, जिन्होंने देश की रक्षा करने वाली सेना का अपमान किया हो और जिनकी रग-रग में सनातन का विरोध बसा हो।
प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा का दावा है कि राहुल गांधी के दौरे के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी समेत अन्य शीर्ष नेताओं के भी लगातार राज्य दौरे प्रस्तावित हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह प्रस्तावित दौरा 2027 के चुनावी समर के लिए कांग्रेस की रणनीतिक तैयारी का बिगुल है। एक तरफ जहां कांग्रेस राहुल के दौरे से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और कुमाऊं-गढ़वाल दोनों मंडलों में जनाधार मजबूत करने की कवायद कर रही है, वहीं भाजपा सेना और सनातन के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरकर अपने पारंपरिक वोट बैंक को और अधिक ध्रुवीकृत करने में जुटी है।
