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श्रीनगर बेस चिकित्सालय ने NABH के 80% मानक पूरे किए, राज्य का पहला मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पताल बनने की उम्मीद

श्रीनगर गढ़वाल।

श्रीनगर गढ़वाल स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत संचालित हेमवती नंदन बहुगुणा बेस चिकित्सालय के लिए बड़ी उपलब्धि की संभावना बनी है। अस्पताल ने नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) के लगभग 80 प्रतिशत गुणवत्ता मानकों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिससे अस्पताल को मान्यता मिलने की उम्मीद मजबूत हो गई है। यदि यह प्रक्रिया पूरी होती है तो श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का बेस चिकित्सालय राज्य का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल बन सकता है, जिसे NABH मान्यता प्राप्त होगी।

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पिछले तीन दिनों से मुंबई और दिल्ली से आई तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 170 गुणवत्ता मानकों के आधार पर अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीज सुरक्षा प्रणाली, स्वच्छता, प्रबंधन व्यवस्था और उपचार सेवाओं का मूल्यांकन किया गया। टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट में अस्पताल की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए 80 प्रतिशत मानकों को सही पाया गया है। शेष 20 प्रतिशत कमियों को एक सप्ताह के भीतर दूर कर ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार अस्पताल में NABH मानकों को पूरा करने के लिए पिछले लगभग नौ महीनों से लगातार तैयारी चल रही थी। डॉ. गौरी बिष्ट के नेतृत्व में विभिन्न टीमों ने अस्पताल की सेवाओं को बेहतर बनाने, मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, स्वच्छता मानकों को उन्नत करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने के लिए व्यापक कार्य किया। निरीक्षण टीम में एक प्रिंसिपल असेसर और दो सह-असेसर शामिल थे, जिन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बताते हुए डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और सहयोगी कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।

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एनएबीएच मान्यता मिलने के बाद अस्पताल की सेवाओं की गुणवत्ता प्रमाणित मानी जाती है, जिससे मरीजों का विश्वास बढ़ता है और अधिक लोग इलाज के लिए ऐसे संस्थानों का चयन करते हैं। इस मान्यता के लिए अस्पताल को उच्च स्तर की स्वच्छता, सुरक्षा और उपचार गुणवत्ता बनाए रखनी होती है, जिससे मरीजों को अधिक सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। साथ ही मान्यता प्राप्त अस्पतालों को कई सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से जुड़ने में प्राथमिकता मिलती है, जिससे मरीजों को आर्थिक लाभ भी संभव होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी मान्यता मिलने से अस्पताल को आधुनिक उपकरण, बेहतर सुविधाएं और अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से संस्थान की साख और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।

मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य Dr. Ashutosh Sayana ने कहा कि NABH निरीक्षण में अस्पताल का 80 प्रतिशत मानकों पर खरा उतरना पूरे मेडिकल कॉलेज परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और सहयोगी कर्मचारियों की कई महीनों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि मान्यता मिलने से क्षेत्र की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी और यह स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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