पौड़ी।
जनपद मुख्यालय पौड़ी के एसएसबी कैंप नागदेव में युवा आपदा मित्र योजना के तहत 50 एनसीसी कैडेट (25 छात्राएं, 25 छात्र) का सात दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण विधिवत प्रारंभ हुआ। यह ट्रेनिंग राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत संचालित है। ट्रेनिंग का उद्देश्य युवाओं को प्रोफेशनल आपदा प्रबंधन, जोखिम आकलन, तैयारी, राहत व बचाव कार्यों में दक्ष बनाकर उन्हें स्थानीय स्तर पर “पहले उत्तरदाता” (First Responder) के रूप में तैयार करना है।
प्रशिक्षण के प्रथम दिन आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पौड़ी के मास्टर ट्रेनर किशन सिंह पंवार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, आपदाओं के प्रकार, जोखिम मूल्यांकन, शमन, तैयारी और स्थानीय राहत-प्रबंधन के विषयों पर विस्तृत चर्चा की। एनसीसी के सीओ कर्नल देवेंद्र नेगी ने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर बताया कि उत्तराखंड में एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, भारत स्काउट-गाइड के 4310 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जाना प्रस्तावित है जिससे जमीनी स्तर पर युवा स्वयंसेवकों को आपदा के वक्त हर गाँव-वार्ड में सहायता के लिए तैनात किया जा सके।
योजना का फोकस सामुदायिक भागीदारी, बचाव कार्यों में तत्परता और युवा शक्ति को आपदा-तैयारी अभियानों का नेतृत्वकर्ता बनाना है, ताकि हर आपदा में राहत कार्य तत्काल और कारगर हो सके। ऐसे प्रशिक्षण, उत्तराखंड जैसे राज्य में, भविष्य के लिए सुरक्षा, जागरूकता और जवाबदेही का नया मानक स्थापित कर रहे हैं।
पौड़ी एसएसबी कैंप में युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण: मुख्य बिंदु
| विषय/आयोजन | प्रतिनिधि / प्रशिक्षक | उद्देश्य / रणनीति | क्षेत्रीय लाभ/लक्ष्य |
|---|---|---|---|
| युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण | 50 एनसीसी कैडेट, मास्टर ट्रेनर | पहले उत्तरदाता, राहत—बचाव कौशल | सामुदायिक सुरक्षा, युवा नेतृत्व |
| संचालन / योजना | राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन, गृह मंत्रालय | 4310 स्वयंसेवक उत्तराखंड में प्रशिक्षित | हर गाँव-क्षेत्र में सहयोग |
| प्रमुख सत्र / स्किल | आपदा कानून, जोखिम मूल्यांकन, रेस्क्यू | तत्परता, भागीदारी, सुरक्षा | — |
एसएसबी पौड़ी नागदेव कैंप में युवा एनसीसी कैडेटों का प्रशिक्षण स्थानीय आपदा प्रबंधन तंत्र की मजबूती, युवाओं को जिम्मेदार नागरिक और वास्तविक “फर्स्ट रिस्पोंडर” के रूप में तैयार करने की दिशा में सार्थक, अभिनव और बेहद जरूरी पहल सिद्ध हो रही है।


