उत्तराखंड सरकार ने राशनकार्ड धारकों को बड़ी राहत देते हुए खाद्य वितरण व्यवस्था में अहम बदलाव किया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निर्देशानुसार अप्रैल 2026 के दौरान ही लाभार्थियों को अप्रैल, मई और जून—तीनों महीनों का राशन एक साथ वितरित किया जाएगा। यह व्यवस्था विशेष रूप से अंत्योदय और प्राथमिक परिवारों के लिए लागू की गई है, ताकि उन्हें बार-बार राशन लेने के लिए दुकानों के चक्कर न लगाने पड़ें और पूरी प्रक्रिया अधिक सरल एवं व्यवस्थित हो सके।

यह निर्णय प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को तीन महीने का खाद्यान्न अग्रिम रूप से अप्रैल में ही उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। सरकार का मानना है कि इस पहल से वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और प्रभावशीलता दोनों में सुधार होगा।
राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने ई-पॉस मशीनों के माध्यम से ऑनलाइन प्रणाली लागू की है, जिसमें प्रत्येक लाभार्थी के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। हालांकि, तीनों महीनों का राशन एक साथ लेने के बावजूद लाभार्थियों को अलग-अलग तीन बार बायोमेट्रिक ट्रांजेक्शन करना होगा, ताकि खाद्यान्न का वितरण सही व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
इसके अतिरिक्त सरकार ने उन लाभार्थियों को भी राहत प्रदान की है, जो मार्च 2026 में किसी कारणवश राशन प्राप्त नहीं कर पाए थे। ऐसे सभी पात्र व्यक्ति 15 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से अपना राशन प्राप्त कर सकते हैं। विभाग ने सभी राशनकार्ड धारकों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी उचित दर की दुकान पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए समय पर तीनों महीनों का राशन प्राप्त करें, ताकि योजना का लाभ सभी तक सुचारू रूप से पहुंच सके।
