मुंबई।
ग्लोबल बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी नजर आया। दिनभर की मजबूती के बाद बीएसई सेंसेक्स 862 अंक बढ़कर 83,467 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स कभी 1,010 अंक तक चढ़ गया था। एनएसई का निफ्टी भी 261 अंक की मजबूती के साथ 25,585 अंक पर बंद हुआ, जो बीते चार महीनों में इसका सर्वोच्च स्तर है।
इसी के साथ, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, रिलायंस, टाटा मोटर्स और एक्सिस बैंक के शेयरों में अच्छा उछाल देखने को मिला। हालांकि इंफोसिस जैसे कुछ आईटी शेयरों में गिरावट भी रही।
लेमन मार्केट्स के शोधकर्ता गौरव गर्ग ने शेयर बाजार की तेजी की वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज कटौती और आईएमएफ द्वारा भारत की GDP ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाए जाने को बताया। इसके अलावा डॉलर में कमजोरी और एफआईआई निवेश के शुरुआती रुझान भी निवेशकों की धारणा को मजबूती दे रहे हैं।
रुपये ने भी गुरुवार को डॉलर के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन किया। घरेलू मुद्रा 12 पैसे मजबूत होकर 87.96 पर बंद हुई। कारोबार के दौरान रुपया 87.68 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी मुद्रा बाजार में आरबीआई के हस्तक्षेप और इक्विटी बाजार की मजबूती ने इसमें योगदान दिया। बुधवार को भी रुपया 73 पैसे मजबूत होकर 88.08 पर बंद हुआ था, जो चार महीने की सबसे बड़ी दैनिक तेजी थी।
स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स भी हरे निशान में बंद हुए। बाजार में कुल 2,377 शेयर मुनाफे में रहे, जबकि 1,810 शेयरों में गिरावट आई। 147 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया।
बाजार जानकारों का मानना है कि समीक्षाधीन तिमाही में मांग बढ़ने की उम्मीद, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता और डॉलर इंडेक्स की नरमी जैसे कारकों ने पूरे सप्ताह बाजार को समर्थन दिया है।



