अग्निवीरों को वर्दीधारी पदों में मिलेगा 10% क्षैतिज आरक्षण : धामी
भराड़ीसैंण।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण में अग्निवीर सैनिकों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेट्स से संवाद किया। इस दौरान युवाओं ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सहजता से जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है, ताकि सेवा पूरी करने के बाद युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

संवाद के दौरान शंकर सिंह राणा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सैनिक पुत्र होने के कारण क्या उनका मन कभी सेना में जाने का नहीं हुआ। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में जाना अन्य सेवाओं की तुलना में अत्यंत सम्मानजनक है। उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन को भी एक सैनिक की तरह अनुशासित और समर्पित मानकर कार्य करते हैं। अपने पिता के साथ रहते हुए उन्होंने सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से देखा है। सैनिक जिस समर्पण के साथ देश सेवा करते हैं, उसी भावना से वे प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं।

कैडेट हिमांशु रौतेला के परिवार को समय देने से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक जीवन में सक्रिय व्यक्ति की जिम्मेदारियां काफी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में पूरे राज्य के लोग उनका परिवार हैं और हर गांव उनका अपना गांव है।
ओ.पी. कण्डारी ने पूछा कि अग्निवीर के रूप में सेवा पूरी करने के बाद रोजगार के क्या अवसर मिलेंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया है। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा भी कई क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर अग्निवीर के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
रितेश पंवार ने मुख्यमंत्री से उनकी पहचान “धाकड़ धामी” के रूप में बनने का कारण पूछा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि का व्यवहार जनता के प्रति सदैव सौम्य होना चाहिए, लेकिन राज्यहित और जनहित में कई बार साहसिक और कठोर निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। इसके अलावा प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून भी लागू किया गया है। पिछले चार वर्षों में राज्यहित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।
अमन सेमवाल ने मुख्यमंत्री से उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहने का राज पूछा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें काम करने की ऊर्जा और प्रेरणा प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से मिलती है। सरकार जन अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है और आज कई क्षेत्रों में उत्तराखंड देश में अग्रणी स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे सैनिक सीमांत और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा करते हैं। देवभूमि उत्तराखंड की विशेषता है कि यहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना या अर्द्धसैन्य बलों में सेवाएं दे रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है। रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात लगातार बढ़ रहा है और भारतीय सेना वैश्विक स्तर पर एक सशक्त सेना के रूप में स्थापित हुई है। सेना में लगातार आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। देहरादून में भव्य सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें राज्य के वीर बलिदानियों की गौरवगाथाएं और स्मृतियां संजोई जाएंगी। उन्होंने कहा कि वे पूर्व सैनिकों को अपने अभिभावक के रूप में देखते हैं।
इस अवसर पर यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल (सेनि.), पूर्व सैनिक तथा अग्निवीर भी मौजूद रहे।
