श्रीनगर गढ़वाल।
बार एसोसिएशन श्रीनगर की कार्यकारिणी ने संयुक्त बयान जारी कर उत्तराखंड के सभी अधिवक्ताओं से आग्रह किया है कि आगामी उत्तराखंड बार काउंसिल चुनाव में पूर्व चेयरमैन अर्जुन सिंह भंडारी को सदस्य पद के लिए क्रमांक 11 पर प्रथम वरीयता (नंबर 1) का मत देकर उन्हें भारी मतों से विजयी बनाएं।

एसोसिएशन के संरक्षक अनूप श्री पांथरी, अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी, उपाध्यक्ष जगजीत सिंह जयाडा, महासचिव ब्रह्मानंद भट्ट, कोषाध्यक्ष सुबोध भट्ट तथा सह सचिव देवी प्रसाद खरे ने संयुक्त बयान में कहा कि अर्जुन सिंह भंडारी ने अपने पिछले कार्यकाल में अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कई ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कार्य किए हैं। उनकी कार्यकुशलता, समर्पण और संघर्षशीलता ही उनकी असली पहचान है।
संरक्षक अनूप श्री पांथरी ने कहा, “अर्जुन सिंह भंडारी अधिवक्ताओं के हितों के लिए सदैव तत्पर रहे हैं। मैं उत्तराखंड के सभी सम्मानित अधिवक्ताओं से अपील करता हूं कि क्रमांक 11 पर प्रथम वरीयता का मत देकर उन्हें भारी मतों से विजयी बनाएं।”अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी ने कहा, “यह चुनाव अधिवक्ता समाज के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हमें ऐसे अनुभवी और कर्मठ नेतृत्व की जरूरत है जो हमारे हितों की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहे। अर्जुन सिंह भंडारी ने अपने कार्यों से यह साबित किया है। मैं सभी साथियों से अपील करता हूं कि नंबर 11 पर प्रथम वरीयता देकर उन्हें विजयी बनाएं।
”कोषाध्यक्ष सुबोध भट्ट ने इसे अधिवक्ता समाज के उज्ज्वल भविष्य का निर्णायक मोड़ बताया और कहा कि अर्जुन सिंह भंडारी का अनुभव और समर्पण ही उन्हें सबसे उपयुक्त उम्मीदवार बनाता है।सह सचिव देवी प्रसाद खरे ने कहा कि अर्जुन सिंह भंडारी के पिछले कार्यकाल के हितैषी कार्यों को देखते हुए उनका चयन जरूरी है, क्योंकि वे अधिवक्ताओं के प्रति पूरी तरह समर्पित और संघर्षशील हैं।
पूर्व अध्यक्ष दीपक भंडारी ने भी यही अपील दोहराई और कहा कि अर्जुन सिंह भंडारी का संघर्षशील व्यक्तित्व और अनुभव अधिवक्ता समाज के लिए अमूल्य है।इस अपील का समर्थन करने वालों में संरक्षक अनूप श्री पांथरी, पूर्व अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी एवं दीपक भंडारी, अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी, महासचिव ब्रह्मानंद भट्ट, उपाध्यक्ष जगजीत सिंह जयाडा, सह सचिव देवी प्रसाद खरे, पूर्व सह सचिव प्रदीप मैठाणी, कोषाध्यक्ष सुबोध भट्ट, बलवीर सिंह रौतेला, ओमप्रकाश मैठाणी, राजेश जैन, विकास कठैत, सुरेंद्र सिंह रौथाण, पूर्व उपाध्यक्ष क्षेत्रपाल सिंह भंडारी, परमानंद मैठाणी, कविता मेवाड़, मंजू भंडारी, सलमा सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं।
