srinagar garhwal medical college

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में 23 अक्टूबर से जुटेंगे देशभर के जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ, 29वें आईएपीपीएसएम सम्मेलन का होगा शुभारंभ।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत करेंगे उद्घाटन; जलवायु परिवर्तन, एआई और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज पर होगा मंथन

श्रीनगर (गढ़वाल)। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर 23 अक्टूबर से जनस्वास्थ्य के क्षेत्र के राष्ट्रीय विशेषज्ञों की मेजबानी करने जा रहा है। यहां उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के 29वें वार्षिक आईएपीपीएसएम सम्मेलन (IAPSMPUKCON-2026) का शुभारंभ होगा। दो दिवसीय इस सम्मेलन में देशभर से जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।

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सम्मेलन का मुख्य विषय “जलवायु-सक्षम एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित जनस्वास्थ्य के माध्यम से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को दृढ़ करना” रखा गया है। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में सक्षम स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना, आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जनस्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना और समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुलभ, किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उपायों पर चर्चा करना है।

सम्मेलन का शुभारंभ प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल तथा शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के कर-कमलों से किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना करेंगे।

सम्मेलन के मुख्य सलाहकार एवं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने बताया कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन का प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को जलवायु संबंधी चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग रोगों की निगरानी, स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों के विश्लेषण और बेहतर स्वास्थ्य नियोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सम्मेलन में इन विषयों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव और शोध साझा करेंगे।

सम्मेलन की आयोजन अध्यक्ष डॉ. जानकी बर्त्वाल एवं आयोजन सचिव डॉ. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि यह सम्मेलन जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में ज्ञान, अनुभव और नवीन शोध साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। सम्मेलन के माध्यम से चिकित्सा विशेषज्ञों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के बीच संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे जलवायु परिवर्तन और उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी रणनीतियां विकसित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह विचार-विमर्श जनस्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी बनाने के साथ ही सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में उपयोगी साबित होगा।

प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने बताया कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। संस्थान चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य गतिविधियों और जनस्वास्थ्य से जुड़े पहलों में भी सक्रिय योगदान दे रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सम्मेलन जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में नए विचारों, अनुभवों और नवाचारों के आदान-प्रदान का प्रभावी मंच बनेगा तथा भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए उपयोगी दिशा प्रदान करेगा।

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